हरियाणा में बिगड़ते लिंगानुपात पर स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है। खराब प्रदर्शन को लेकर अब 5 और वरिष्ठ डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इससे पहले भी 4 डॉक्टरों को सस्पेंड किया जा चुका है।स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के तहत कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया है। प्रदेश के 13 जिलों में लिंगानुपात 900 से नीचे पहुंच गया है, जिनमें चरखी दादरी, यमुनानगर, नारनौल, सिरसा, गुरुग्राम, हिसार, जींद, कैथल, झज्जर, भिवानी, रोहतक, पानीपत और फतेहाबाद शामिल हैं। विभाग का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और लिंगानुपात सुधारने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए।
जिन डॉक्टरों पर कार्रवाई शुरू हुई है उनमें फरीदाबाद के सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा, सोनीपत सिविल अस्पताल की पीएमओ डॉ. गिन्नी लांबा, रेवाड़ी सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. सुरेंद्र यादव, झज्जर सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. गुरजीत और बल्लभगढ़ उप-मंडल सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. टीसी गिडवाल शामिल हैं।नियम-7 के तहत वेतन वृद्धि रोकने, पदोन्नति पर रोक, पद घटाने, जबरन रिटायरमेंट, नौकरी से हटाने या बर्खास्तगी जैसी बड़ी सजा दी जा सकती है। विभाग ने 25 मई तक चार्जशीट का मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए हैं।वहीं हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव ने कहा कि एसोसिएशन पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है, इसलिए फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी।
