हरियाणा के सिरसा शहर में Shri Chinmay Kutti Bhandara Samiti में दान राशि को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। समिति पर करीब 5 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े और दानदाताओं को फर्जी रसीदें देने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले में पुलिस ने IPC की धारा 420 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी रसीद से हुआ खुलासा
बताया जा रहा है कि विवाद तब सामने आया जब समिति के एक सदस्य से दान राशि लेकर उसे फर्जी रसीद दे दी गई, जबकि उसका रिकॉर्ड कैश बुक में दर्ज ही नहीं किया गया। जब सदस्य ने इस पर सवाल उठाए तो उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला और पुराने लेन-देन का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड भी पेश नहीं किया गया।
कैश में हुआ करोड़ों का लेन-देन
शिकायतकर्ता Surendra Monga ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से 2025 तक करीब 5 करोड़ रुपए का लेन-देन नकद (कैश) में किया गया और इसे रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया। नियमों के अनुसार, ऐसे लेन-देन बैंक के माध्यम से होने चाहिए थे।
जाली दस्तावेज और लेटर पैड पर सवाल
मामले में यह भी सामने आया है कि समिति का पंजीकरण वर्ष 2016 में हुआ, जबकि 2014-15 के लेटर पैड का इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप है कि इन्हीं लेटर पैड के जरिए फर्जी रसीदें तैयार कर दानदाताओं को दी गईं। शिकायतकर्ता ने जाली दस्तावेज तैयार कर गबन करने के आरोप भी लगाए हैं।
सदस्य को किया निष्कासित
जब शिकायतकर्ता ने अनियमितताओं पर सवाल उठाए तो समिति पदाधिकारियों ने उसे ही निष्कासित कर दिया। इसके बाद उसने मामले की शिकायत पुलिस और उच्च अधिकारियों से की।
पुलिस जांच जारी
आर्थिक अपराध शाखा की प्राथमिक जांच के बाद शहर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। फिलहाल दोनों पक्षों से पूछताछ कर मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
