रोहतक। किसान संगठनों की ओर से निजीकरण के विरोध में रोहतक में ‘जेल भरो आंदोलन’ किया गया। बड़ी संख्या में किसान और संगठन से जुड़े प्रदर्शनकारी 10 बसों में सवार होकर रोहतक पहुंचे और DC ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तारी दी।
प्रदर्शनकारियों ने निजीकरण के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार की नीतियों पर विरोध जताया। किसान संगठनों का कहना है कि निजीकरण से आम लोगों और कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे, इसलिए सरकार को इस दिशा में उठाए जा रहे कदमों को वापस लेना चाहिए।
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के सामने आवाज उठाई और ‘जेल भरो’ अभियान के तहत गिरफ्तारियां दीं। प्रदर्शन के चलते DC कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई।
किसान संगठनों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- रोहतक में किसान संगठनों का ‘जेल भरो आंदोलन’
- DC ऑफिस के बाहर प्रदर्शन और गिरफ्तारियां
- निजीकरण का किया गया विरोध
- 10 बसों में पहुंचे प्रदर्शनकारी
- मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

मोनिका नैन ने कहा कि सरकार की मंशा है कि जो लोग संघर्ष करते है, उनके संघर्ष को दबाया जा सके। एक तरफ धर्म का नारा लगा रहे है, दूसरी तरफ कावड़ियों को जेल में डाल रहे है। देश में किस प्रकार से धर्म की आड़ में चंदा चोरी हो रही है, यह किसी से छुपा नहीं है।
विरोध प्रदर्शन करते हुए सामाजिक संगठन जब डीसी ऑफिस पहुंचे तो प्रशासन की बस कम पड़ गई है। प्रशासन ने तीन बस बुलाई थी, जो भरने के बाद भी लोग गिरफ्तारी देने का इंतजार करते रहे। उसके बाद ओर बस बुलाई गई। करीब 10 बसों में प्रदर्शनकारियों को डीसी ऑफिस से पुलिस लाइन तक लाया गया।
