पुलिस के मुुताबिक 23 जुलाई की सुबह सुभाष रोड स्थित एक होटल में पुरानी सब्जी मंडी थाने के पी/एसआई संदीप व उसका दोस्त यशदीप बेसुध हालत में मिले थे। बाद में संदीप की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि यशदीप अभी उपचाराधीन है। संदीप के पिता भिवानी जिले के गांव पाजू निवासी सत्यदेव शर्मा ने पुरानी सब्जी मंडी थाने में केस दर्ज करवाया था। आरोप है कि संदीप ने अपने भाई राहुल को फोन करके बताया था कि वह प्रीत विहार कॉलोनी निवासी यशदीप, दादरी के कारीतोखा निवासी अंकित, बरोदा निवासी कृष्ण, थाने के मुंशी अमित हवलदार व बहल की एक युवती के साथ होटल में है। आरोप है कि आरोपियों ने संदीप को कोई नशीला या जहरीला पदार्थ दे दिया। उसकी हालत बिगड़ी तो न तो अस्पताल में दाखिल कराया और न ही किसी को सूचित किया। इस मामले में पुलिस ने पांच के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। इनमें से चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में सुनारिया जेल भेज दिया गया है, जबकि एक आरोपी अभी निजी अस्पताल में उपचाराधीन है।
एक कमरे में मौजूद संदीप, हवलदार अमित व यशदीप ने कागज पर रखकर नशीला पदार्थ लिया था। वहीं, संदीप को नशीला पदार्थ किसने दिया? नशीला पदार्थ कौन लाया था? आदि सवालों के पुलिस जवाब ढूंढने में जुट गई है। उधर, नशा करने के बाद अमित होटल से चला गया, जबकि संदीप व यशदीप वहीं रह गए थे। सुबह संदीप व यशदीप बेसुध हालत में कमरे में मिले थे। खुद हवलदार अमित ने पुलिस के आला अधिकारियों के सामने यह खुलासा किया है। रविवार को एक दिन के रिमांड के बाद पुलिस ने आरोपी हवलदार, होटल मालिक व दादरी के युवक को अदालत में पेश किया, जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब पुलिस मधुबन लैब व संदीप की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का मिलान करके पता लगाएगी की नशीला पदार्थ क्या था।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि एक कमरे में पी/एसआई संदीप, हवलदार अमित व यशदीप ने कागज पर रखकर नशीला पदार्थ लिया था। यह नशीला पदार्थ क्या है, इसके लिए मधुबन लैब व डॉक्टर की रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता लग सकेगा। फिलहाल चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जबकि पांचवें आरोपी यशदीप को डॉक्टरों से क्लीन चिट मिलने के बाद गिरफ्तार किया जाएगा। वह अभी निजी अस्पताल में दाखिल है।
– गोरखपाल राणा, डीएसपी, मुख्यालय
