बैंक ऑफ बड़ौदा की गोहाना व रोहतक ब्रांच में 11 करोड़ 18 लाख की हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक में पहले पांच लोन अकाउंट खोले गए। बाद में उनकी निकासी लिमिट बढ़ाने के लिए 163 एफडी अकाउंट लिंक कर दिए गए। इसके लिए बैंक ने उपभोक्ताओं की सहमति भी नहीं ली। मंगलवार को सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम इंस्पेक्टर सोनल मिश्रा के नेतृत्व में पहुंची और 20 से 25 उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए।
सीबीआई ने फरवरी 2021 में बैंक ऑफ बड़ौदा के करनाल मंडल के क्षेत्रीय सहायक प्रबंधक सत्यप्रकाश के बयान पर बैंक ऑफ बड़ौदा की गोहाना ब्रांच व बाद में रोहतक ब्रांच के चीफ मैनेजर मंजीत सिंह व दो अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 467, 471, 477ए, 120बी व पीसी एक्ट सहित मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि बैंक में पहले तो पांच ओडीबीओडी (लोन अकाउंट) खोले गए। इसके लिए बैंक में एफडी करवाने वाले 163 उपभोक्ताओं के अकाउंट को गारंटी के तौर पर लोन अकाउंट से लिंक किया गया। इसके बाद लोन अकाउंट की निकासी लिमिट 21 हजार से बढ़ाकर 2 करोड़ के करीब की गई। इस तरह 11 करोड़ से ज्यादा पैसा गलत तरीके से ट्रांसफर कर लिया गया। सीबीआई की टीम मंगलवार को इंस्पेक्टर सोनल मिश्रा के नेतृत्व में नारायण कॉम्प्लेक्स स्थित बैंक की ब्रांच में सुबह करीब 9 बजे पहुंची। दोपहर तक 20 से 25 उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए गए।
