कैलाश चंद एड्वोकेट ने शिक्षा निदेशालय से RTI एक्ट 2005 के तहत सूचना मांगी थी कि नियम 134ए के तहत दाखिल बच्चो से निजी स्कूल अभिभावको से कई तरह के चार्ज वसूलते हैं। जिसमें निजी स्कूलों द्वारा कहा जाता था कि नियम 134ए के तहत सिर्फ मासिक फीस माफ है बाकी चार्ज देने होंगे, जैसे एनुअल चार्ज, स्मार्ट क्लास, बिल्डिंग फण्ड, आई कार्ड चार्ज, sms चार्ज, साइंस लैब, कंप्यूटर क्लास चार्ज, दाखिला फीस, डेवलोपमेन्ट फण्ड, जैसे काफी अमान्य मद है जिनके नाम से निजी स्कूल नियम 134ए के छात्रों की शिक्षा पर अवैध वसूली करते हैं।

इन समस्याओं को देखते हुए अधिवक्ता ने मौलिक शिक्षा निदेशालय पंचकूला, और सेकंडरी शिक्षा निदेशालय पंचकूला को RTI एक्ट  2005 के तहत सूचना मांगी

जिसमे दोनों  शिक्षा निदेशालयों ने स्पष्ट कर दिया कि नियम 134ए के तहत निशुल्क शिक्षा का प्रावधान है, कक्षा 1 से 8 तक बिल्कुल फ्री होता है, कक्षा 9वी से 12वी तक सरकारी स्कूलों में लगने वाली फीस पर पढ़ने के अधिकारी है, कैलाश चंद एड्वोकेट ने ये भी बताया कि सरकार द्वारा नियम 134ए के लिये निजी स्कूलों को फीस का भुगतान कर रही है।

नियम 134ए के छात्रों से कोई भी स्कूल किसी भी मद में कोई पैसा वसूल नही कर सकता है,  अगर कोई छात्र स्कूल वाहन की सुविधा लेता है तो उसका अलग से भुगतान करेगा, ओर 10वी, कक्षा 12वी कक्षा के बोर्ड एग्जाम फीस का भुगतान करना होगा।

कैलाश चंद एड्वोकेट ने ये भी बताया कि सामान्य बच्चो से भी कोई स्कूल किसी भी मद में फीस वसूल करता है तो स्कूल को पक्की रसीद देनी होगी।

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