हरियाणा के सिरसा जिले के गांव जमाल में मंगलवार देर शाम डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की चुनावी सभा के दौरान हुए विवाद में किसान नेता को गिरफ्तार किया गया था। इसके विरोध में मंगलवार रात को सैकड़ों किसानों ने नाथूसरी चौपटा पुलिस थाने को घेर लिया। इस दौरान पुलिस की तरफ से हुई धक्कामुक्की के दौरान किसान नेता सिकंदर रोड़ी की पगड़ी गिर गई। इससे किसान भड़क गए। किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी के अचानक मौके पर पहुंचने के बाद मामला और गरमा गया। किसानों की बढ़ती भीड़ और रोष को देखते हुए रात साढ़े 12 बजे के करीब पुलिस की ओर से घटनाक्रम पर माफी मांगी गई। पुलिस चौकी इंचार्ज ने किसान नेता को पगड़ी बांधी और इसके बाद ही मामला सुलटा। चढ़ूनी ने इसे किसानों की जीत बताते हुए थाने के आगे से हटने का ऐलान कर दिया

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला मंगलवार को ऐलनाबाद उपचुनाव में भाजपा-जजपा के प्रत्याशी गोविंद कांडा के लिए वोट की अपील करने आए थे। देर शाम चौटाला गांव जमाल पहुंचे तो वहां किसानों ने उनका विरोध किया। एक वायरल वीडियो में किसान उनको खूब खरी खरी सुना रहे हैं। किसानों ने एक छत पर खड़े होकर उनको काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। कुछ देर बाद एक और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुलिस और भाकियू सिरसा के जिला प्रधान सिकंदर रोडी के साथ पुलिस की धक्का मुक्की चल रही है। इस दौरान किसान नेता की पगड़ी खुल कर गिर जाती है। पुलिस उन्हें डिप्टी सीएम की सभा में खलल डालने के आरोप में गिरफ्तार करने आई थी। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच खूब विवाद हुआ। बाद में पुलिस रोड़ी और कुछ अन्य किसानों को पकड़ कर थाने ले गई।किसान नेता रोडी और उसके साथियों को पकड़ कर पुलिस नाथूसरी थाना लेकर गई। करीब 10 बजे भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी भी अचानक वहां पहुंच गए। इसके बाद किसानों की भीड़ जुट गई और उन्होंने पुलिस थाने को घेर लिया। किसानों ने पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने आसपास के क्षेत्र के किसानों से थाने पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हमारे जिला प्रधान रोडी से मारपीट की, उसकी पगड़ी उतारी और उन्हें आतंकवादी की तरह खींच कर पुलिस थाने लाई। इसमें पुलिस के अधिकारी भी शामिल हैं। चढ़ूनी इसके बाद थाने में ही किसानों के साथ धरने पर बैठ गए।

नाथूसरी चौपटा पुलिस थाने में किसानों की बढ़ती भीड़ ने पुलिस के होश उड़ा दिए। किसानों के थाने के घेराव के करीब दो घंटे बाद किसान नेताओं और पुलिस में बातचीत शुरू हुई। सिरसा के एसपी ने भी किसान नेताओं से बात की। साढ़े 12 बजे के करीब पुलिस और किसानों में सहमति बन गई। फिर पकड़े गए किसान नेता रोडी और उसके साथियों को पुलिस ने छोड़ दिया। चौकी इंचार्ज ने रोडी को किसानों के बीच आकर पगड़ी पहनाई, माफी मांगी। इसके बाद गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने इसे किसानों की जीत बताते हुए थाने के घेराव को वापस लेकर किसानों से वापस लौटने की अपील की।

इनेलो प्रत्याशी अभय सिंह चौटाला भी देर रात किसानों और पुलिस के बीच चल रहे विवाद में कूद पड़े। उन्होंने एक वीडियो जारी करके कहा कि जमाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर हुआ अत्याचार सरकार की कायरता को दर्शाता है। इस तानाशाही सरकार का अंत ऐलनाबाद की पावन धरा से शुरू होना निश्चित है। अभय ने कहा कि दुष्यंत की जनसभा के दौरान पुलिस बल द्वारा किसानों के साथ अत्याचार किया गया। उन्होंने ऐलनाबाद की जनता से किसानों के साथ हुए अत्याचार और सिख किसान की पगड़ी के अपमान की घटना का बदला भाजपा -जजपा गठबन्धन के खिलाफ वोट करके लेने की अपील भी की।

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