एमडीयू में आउटसोर्स के तहत तैनात माली ने रविवार को अंगोछे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर दी। उसका शव घर के कमरे में पंखे के हुक से लटका मिला। अनुबंधित कर्मचारी ने सुसाइड नोट में कंपनी व तीन पदाधिकारियों पर तीन माह का वेतन नहीं देने और नौकरी से हटाए जाने पर फंदा लगाने की बात लिखी है।
युवक की मां भी एमडीयू में ही अनुबंधित सुरक्षा कर्मचारी है। विजय नगर निवासी सचिन (26) का शव रविवार की शाम को घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। उसने अंगोछे से पंखे के हुक में फंदा लगाया था। परिजनों ने शव देखा तो परिवार में चीत्कार गूंज उठा। त्योहार की खुशी मातम में बदल गई। इस बारे में सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव कब्जे में लिया और कार्रवाई शुरू की।
विजय नगर निवासी रिषिपाल ने बताया कि सचिन ने सुसाइड नोट लिखा है। इसमें क्लर्क, सुपरवाइजर व एसडीओ को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। इनकी वजह से उसने आत्महत्या की। उसे 15 दिन पहले ही नौकरी से निकाला गया था। इससे पूर्व करीब एक साल पहले भी सचिन को नौकरी से निकाल दिया गया था। उसने नौकरी के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत दी थी। इसके बाद ही उसे ज्वाइन कराया गया। अब तीन महीने से वेतन नहीं मिल रहा था। इस कारण वह परेशान था। मां रजनी देवी विवि में ही महिला सुरक्षा कर्मचारी है।
युवक की मौत ने एमडीयू की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विवि में अनुबंध के आधार पर नौकरी लगाने के लिए मोटी रिश्वत लिए जाने का भी खुलासा हुआ है। ये बातें युवक ने अपने सुसाइड नोट में लिखी हैं। अक्सर विवि में अनुबंध के आधार पर नौकरी लगाने के लिए रिश्वत लिए जाने की बात सामने आती रही है परिजनों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
