हरियाणा में पारिवारिक जमीनों के बंटवारे के विवाद अब खत्म होने जा रहे हैं। सूबा सरकार इसके लिए कानून लाने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही राज्य के 100 गांव में जल्द चकबंदी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए सरकार की ओर से अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि गुरुग्राम की तर्ज पर प्रदेश के अन्य जिलों को भी औद्योगिक व आर्थिक रूप से विकसित करने पर बल दिया जा रहा है। गुरुग्राम आज एक ग्लोबल सिटी और आईटी हब बन चुका है। दुनिया की 400 फॉर्च्यून कंपनियों के ऑफिस गुरुग्राम में हैं।
इसी प्रकार फरीदाबाद जिला भी अब आगे बढ़ रहा है। जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी होने से यहां औद्योगिक गतिविधियों में बढ़ोतरी हो रही है। इतना ही नहीं, हिसार में एयरपोर्ट शुरू होने से उस जिले में और अधिक प्रगति होगी।सीएम ने कहा कि पंचकूला जिला भी एक सेंट्रल लोकेशन पर है। चंडीगढ़ एयरपोर्ट का फायदा भी मिलता है। इसलिए सरकार ने जिले में विकास को बढ़ावा देने के लिए डेवलपर को आकर्षित करने के लिए ईडीसी /एडीसी की दरें कम की हैं। अब डेवलपर निवेश कर रहे हैं और जल्द ही पंचकूला भी एक आर्थिक राजधानी के रूप में उभरेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के जीवन को कैसे सुखी किया जाए, इसके लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की तर्ज पर ईज ऑफ लिविंग की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। लोग कितने खुश हैं, इसके लिए भी पैरामीटर बनाने होंगें। भूटान देश, जहां हैप्पीनेस इंडेक्स को मापा जाता है, उसी तर्ज पर यह प्रयोग हरियाणा में भी करके दिखाएंगे।
मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार 5एस यानी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वावलंबन और स्वाभिमान के लिए कार्य कर रही है। अब इसमें छठा एस यानी सुशासन भी जोड़ दिया है। राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन किए हैं। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को 2025 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। हमारा दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट दिल्ली से भी अच्छा आ रहा है। सुपर-100 के अब 4 सेंटर संचालित हैं।प्रदेश में बेरोजगारी और सरकार पर कर्ज के आंकड़ों पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का गणित बहुत कमजोर है। बेरोजगारी के लिए वे क्योंकि उनकी मनचाही पत्रिका सीएमआईई को पढ़ते हैं, जिसके आंकड़े सही नहीं हैं। इसी प्रकार, कर्ज को लेकर भी विपक्ष को हिसाब किताब कैसे समझाया जाए, क्योंकि वो अपने समय का कर्ज का आंकड़ा यदि सही कर लेंगे तो उन्हें जवाब मिल जाएगा। आज प्रदेश पर 2 लाख 53 हजार करोड़ का कर्ज है जो तय सीमा के अंदर है। पंजाब का आज कर्ज 42 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
