हरियाणा के निजी स्कूल अब एक दुकान से ही ड्रेस और किताब खरीदने का दबाव नहीं बन पाएंगे। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने सख्ती बरती है और सभी जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर निजी स्कूलों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।साथ ही विभागीय निर्देश भी दिए हैं कि कोई भी निजी स्कूल ड्रेस और किताबें किसी एक निर्धारित दुकानदार से खरीदने के लिए विद्यार्थियों व अभिभावकों को बाध्य न करें। अगर कोई निजी स्कूल ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी DEO और DEEO को पत्र लिखा है। जिसमें उन्हें निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ सभी निजी स्कूलों को इसके लिए निर्देश दें। साथ ही उन पर निगरानी भी रखें कि वे विद्यार्थियों व अभिभावकों को किसी एक निर्धारित दुकान पर पुस्तकें, कार्य पुस्तिकाएं, लेखन सामग्री, जूते, वर्दी आदि खरीदने के लिए दबाव नहीं बना पाएंगे।

पिछले कई दिनों से निजी स्कूलों द्वारा ड्रेस व किताबों को लेकर दबाव बनाने की शिकायतें आ रही थीं। जिसके कारण यह निर्णय लिया गया है ताकि प्राइवेट स्कूल विद्यार्थियों व अभिभावकों को नाजायज दबाव न बना पाएं। सीएम फ्लाइंग भी छापामारी कर रही थी। क्योंकि इन दुकानों पर सामान्य से अधिक कीमत पर किताब और सामान बेचा जा रहा था।

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