बड़ी उम्र की लड़कियों, विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं को मैट्रिमॉनियल साइट्स पर शादी का झांसा देते थे। विदेश ले जाने का लालच देकर लच्छेदार बातों में फंसाते थे। कुछ समय बाद खुद को मुसीबत में बता पैसे ऐंठने लगते थे। ये शातिर ठग धीरे-धीरे सारा कैश ले लेते। पीड़िताएं अपनी जूलरी भी बेच देतीं। रिश्तेदारों से उधार और बैंकों से लोन तक ले लेती थीं।

शाहदरा जिले की साइबर सेल ने पूरे गैंग का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों की पहचान वसंत कुंज निवासी नाइजीरिया नागरिक लॉरेंस चिके लालोऊ (30), आयोटुंडे ओकुनाडे उर्फ एलेक्स (34) और आंबेडकर कॉलोनी छतरपुर के दीपक दीक्षित (29) के तौर पर हुई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी 100 से ज्यादा लड़कियों या महिलाओं को 25 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगा चुके हैं।

मैट्रिमॉनियल साइट पर हुई मुलाकात डीसीपी (शाहदरा) आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि जगतपुरी थाने में एक लड़की ने पिछले दिनों इस तरह की ठगी का केस दर्ज करवाया था। आरोपी की मुलाकात उनसे मैट्रिमॉनियल साइट पर हुई, जिसने लच्छेदार बातों से भरोसा जीत लिया। कुछ दिन बाद शादी का प्रस्ताव रखा। लगातार वॉट्सऐप पर चैटिंग करता रहा। सारा कैश अपने अकाउंट में कराया ट्रांसफर कुछ दिन बाद उसने खुद को मुसीबत में बताते हुए पैसों की मदद मांगी। पीड़ित बातों में आ गई, जिसने सारा कैश अपने अकाउंट ट्रांसफर करवा लिया। इसके बाद अपनी जूलरी गिरवी रखकर पैसा दिया। इस तरह से 15 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खाते में डलवा लिया।

इंटरनैशनल नंबर यूज करते थे आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि लॉरेंस और एलेक्स समेत कई नाइजीरियन इस स्कैम में लिप्त हैं। आरोपी खुद को मैट्रिमॉनियल साइट पर रजिस्टर्ड करते थे। खुद को वेल-क्वॉलिफाइड और एनआरआई बताते थे। खुद को डॉक्टर, इंजीनियर और कारोबारी बताते थे। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से बचने के लिए इंटरनैशनल फोन नंबर यूज करते थे।

ऐसे आरोपियों तक पहुंची पुलिस टीम एसीपी मनोज पंत की देखरेख में इंस्पेक्टर विकास कुमार, एसआई राहुल, एचसी दीपक, सिपाही विकास, राजदीप और दीपशिखा की टीम बनाई गई। पीड़िता ने जिन बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर किया था, उनको खंगाला गया। जांच में पता चला कि ऐसे 30-35 अकाउंट हैं, जो देश के अलग-अलग राज्यों के बैंकों में खोले गए थे।

टेक्निकल सर्विलांस के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। नाइजीरियाई बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे रकम आरोपी अक्सर ठगी के पैसे को नाइजीरियाई बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे। स्वाइप मशीन से यह पैसा निकालते थे। छतरपुर की आंबेडकर कॉलोनी का रहने वाला दीपक दीक्षित विदेशी आरोपियों को पॉइंट ऑफ सेल (POS) स्वाइप मशीन किराए पर देता था। इसे कुल पैसा निकालने का दस फीसदी हिस्सा मिलता था। पुलिस ने 6 बैंक डेबिट कार्ड्स, 5 पीओएस मशीनें, तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक टैबलेट बरामद किया है।

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