हरियाणा सरकार अब पंच-सरपंचों को पंचायती राज एक्ट का पाठ पढ़ाएगी। इसके लिए पंचायत राज विभाग ट्रेनिंग का प्रस्ताव तैयार कर रही है। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में पंच-सरपंचों के साथ ही ब्लॉक समिति एवं जिला परिषद के सदस्य शामिल होंगे। यह पहली बार है कि इस बार पंचायतों में महिलाओं की आधी भागीदारी होगी।

पंचायतों में होने वाले कामों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार ने ई-टेंडर से काम करने का फैसला किया है। 2 लाख रुपए से अधिक के होने वाले कामों के लिए ई-टेंडरिंग की जाएगी। इसके साथ ही पंचायत में होने वाले काम की जियो टैगिंग भी की जाएगी। गांवों में होने वाले विकास कार्यों के लिए सरकार ने ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है।

इस बार हुए पंचायत चुनावों में बहुत से नवनिर्वाचित पंच-सरपंच पहली बार पहुंचे हैं। इन्हें पंचायत राज एक्ट की जानकारी नहीं है। ऐसे में इन जनप्रतिनिधियों को एक्ट की जानकारी देने के लिए सरकार ये ट्रेनिंग प्रोग्राम करने जा रही है। प्रस्ताव में तीन दिन की ट्रेनिंग कराने का प्रावधान किया गया है।

हरियाणा सरकार ने नवनिर्वाचित पंचायतों की शक्तियों में और इजाफा किया है। नई पंचायतों को पेयजल आपूर्ति, जल प्रदूषण रोकने के साथ सीवरेज प्रबंधन का जिम्मा भी सौंपा गया है। हर पंचायत में जल एवं सीवरेज प्रबंधन समितियों का गठन होगा। इनके पास पानी की दरें संशोधित कर बढ़ाने, अवैध-अस्वच्छ प्रदूषण वाले कनेक्शन काटने और जुर्माना लगाने की शक्तियां भी रहेंगी।

ग्राम पंचायत BWSC के गठन को मान्यता देगी। इसके पदेन अध्यक्ष सरपंच होंगे। तीन पंच पदेन सदस्य रहेंगे, जिनमें से दो महिलाएं होंगी। एक महिला एससी, एक सामान्य वर्ग से होगी। इन्हें सरपंच नामित करेगा। सरपंच और पंच के अलावा चार अन्य सदस्य चुने जाएंगे, जो सभी वर्गों से होंगे। इन्हें गांव और समुदाय के समग्र विकास का अनुभव होना जरूरी है।

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