रोहतक में सन्नी सुसाइड मामले में हंगामा हो गया। रात के अंधेरे में आरोपियों का परिवार भाग रहा था। उन्हें महम से बाहर जाता देख मृतक के परिजन और लोग बिफर गए। उन्होंने परिवार को रोक लिया और महम थाने में लेकर गए। लोगों का कहना था कि आरोपी परिवार रात का फायदा उठाकर भागने का प्रयास कर रहा था। उन पर कार्रवाई की जाए।
इसको लेकर काफी देर तक हंगामा होता रहा। जबकि पुलिस का कहना है कि अभी मामले की जांच की जा रही है। जांच में दोषी नहीं पाए जाने तक सभी स्वतंत्र है और कहीं भी जा सकते हैं। किसी को भी ऐसे नहीं रोका जा सकता। जांच में दोषी पाए जाने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जिसको लेकर लोगों ने रोष जताया।

महम निवासी प्रियंका ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पति सन्नी ने 19 अक्टूबर को कहा था कि महम की ही एक महिला ने उसे षड्यंत्र के तहत फंसाया है। जो कई लाख रुपए ऐंठ चुकी है। उसने पैसे वापस करने के लिए घर बुलाया है। उन्होंने बताया कि सुबह करीब साढ़े 10 बजे पति महिला के घर जाने के लिए निकला। 2 घंटे तक सन्नी घर वापस नहीं लौटा।
इसके बाद प्रियंका खुद उक्त महिला के घर गई, लेकिन वहां पर महिला ने गेट नहीं खोला। इसके बाद अपनी चाची को साथ लेकर उसके घर गई। जब महिला ने गेट नहीं खोला तो उसके पति से संपर्क किया। फोन करके गेट खोलने के लिए कहा। कुछ देर बार गेट खुला तो उक्त महिला ने दुर्व्यवहार किया। यहां तक कि महिला ने वहां पर सन्नी होने की बात को ही नकार दिया। जबकि महिला के घर से लड़ाई की आवाज आ रही थी।
प्रियंका ने कहा कि करीब एक-डेढ़ बजे उसकी ननद सोनम के पास सन्नी का फोन आया था। जब सन्नी उक्त महिला के घर पर ही था। सन्नी कह रहा था कि उस महिला ने आज भी उसे धोखा दिया। जिसके कारण वह जहरीला पदार्थ सल्फास पीने को मजबूर है। पत्नी व बच्चों का ध्यान रखना था, लेकिन मजबूर होकर यह कदम उठाना पड़ रहा है। इसके बाद सन्नी ने खुद परिवार से माफी मांगते हुए फोन काट दिया।
प्रियंका ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जब वह अपने घर के कमरे में अलमारी में जरूरी दस्तावेज देख रही थी तो वहां एक सुसाइड नोट भी मिला। साथ ही गोल्ड लोन के दस्तावेज भी थे। 7 पेज के सुसाइड नोट में 7 लोगों के नाम थे। इस घटना के बाद लोगों ने सन्नी की मौत पर पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट होकर रोड पर जाम भी किया था।
पुलिस थाना महम के SHO प्रह्लाद सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट की छानबीन चल रही हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि जो आरोप लगाए गए हैं, वे सही है या नहीं। फिलहाल किसी को कहीं जाने से रोका नहीं जा सकता। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
