हरियाणा में सफाई का संकट गहरा गया है। मांगें पूरी न होने कर्मचारियों ने हड़ताल 26 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। हालांकि सरकार ने हड़ताल को लेकर एसेंशियल सर्विसेज मैनेजमेंट एक्ट (ESMA) लागू किया है, लेकिन यह बेअसर होता दिखाई दे रहा है।

वहीं बिगड़ते हालात देख सरकार ने खुद सफाई का मोर्चा संभाल लिया है। अब पुलिस सुरक्षा में सफाई के आदेश जारी कर दिए गए हैं। वहीं वैकल्पिक इंतजाम के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियों पर होमगार्ड और रोडवेज चालकों की तैनाती की जा रही है। सफाई के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तय रेट पर रखे सफाई कर्मचारियों की मदद ली जा रही है।

दिवाली के त्योहार पर सफाई कर्मियों की हड़ताल से प्रदेश के शहर कूड़े के ढेर में बदलते जा रहे हैं। कर्मियों की हड़ताल के कारण शहरों में साफ-सफाई नहीं हो पा रही है। अब सरकार की ओर से मशीनों से कराई जाने वाली साफ सफाई का कर्मचारी विरोध करेंगे।

सरकार के इस फैसले के विरोध में हड़ताली कर्मचारियों ने फैसला किया है कि वह एस्मा की प्रतियां जलाकर प्रदेशभर में आक्रोश प्रदर्शन करेंगे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष लांबा ने इसकी निंदा की है।

सुभाष लांबा ने कहा कि कर्मियों ने अपनी मांगों के लिए नगर निकाय मंत्री को अपना मांग पत्र भेज दिया था, लेकिन कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया। यही कारण है कि आज प्रदेश के 40 हजार कर्मी हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए। सोमवार को वह उलटा झाड़ू लेकर प्रदर्शन करेंगे।

चीफ सेक्रेटरी (CS) संजीव कौशल ने अधिकारियों को कचरे का डोर-टू-डोर कलेक्शन करने वाले के कॉन्ट्रैक्ट की अवधि को 2 से 3 माह के लिए बढ़ाने को कहा है। यह कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो चुका है। इसके अलावा, आवश्यकता पड़ने पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तय रेट पर भी सफाई कर्मचारियों को काम पर रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि कचरे का डोर-टू-डोर कलेक्शन के कार्य को प्रभावी ढंग से किया जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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