रोहतक में फास्टैग लगाने के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने फास्टैग लगाने के लिए ऑनलाइन नंबर सर्च करके संपर्क किया। जिसके बाद पीड़ित के नंबर पर लिंक भेजा और उस पर जानकारी भरवाई। पीड़ित अपने फास्टैग का इंतजार करता रहा और इधर, खाते से 84 हजार 850 रुपए कट गए।

रोहतक के प्रेम नगर निवासी सुनील कुमार मिगलानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसे फास्टैग चाहिए था। इसके लिए उसने मकड़ौली टोल की साइट पर सर्च किया। इस दौरान उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला। साइट पर दिए गए मोबाइल नंबर पर उसने फोन किया और फास्टैग के लिए कहा।

सुनील कुमार ने बताया कि इसके कुछ समय बाद दूसरे मोबाइल से फास्टैग बनवाने के लिए फोन आया। फोन पर सामने वाले ने बातचीत की और एक लिंक भेजा। जो फास्टैग की साइट जैसा ही था। उसके कहे अनुसार दिए गए लिंक पर क्लिक किया और जो साइट खुली उस पर जाकर नाम व मोबाइल नंबर भरा।

उसने कहा कि कॉल करने वाले ने कहा कि इस प्रक्रिया में कुछ समय लगेगा। कुछ समय बाद बताया कि फास्टैग की पूरी प्रक्रिया हो चुकी है और 24 घंटे में फास्टैग चालू हो जाएगा। इसके बाद वह इंतजार करने लगा, लेकिन उसका फास्टैग नहीं आया और उसके बैंक खाते से रुपए भी कटने लगे!

सुनील कुमार ने कहा कि उसके SBI बैंक के खाते से 84 हजार रुपए कट गए। जिसके बाद उसे धोखाधड़ी का पता लगा। इस साइबर ठगी की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी।

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