25 नवंबर को शहरी निकाय विभाग के सर्वर से साेनीपत की 32842 प्रॉपर्टी आईडी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। इससे निगम को जहां लाखों रुपए के राजस्व का सीधा नुकसान होगा तो वहीं उन लोगो को फिर से प्रॉपर्टी आईडी बनानी होगी जिनके हटाई गई है।
निगम की ओर से इस व्यवस्था में सुधार को लेकर डबल शिफ्ट में वर्किंग चल रही है लेकिन अभी भी 32 हजार से अधिक प्रॉपर्टी आईडी की कोई खैर खबर नहीं है। यही कारण है कि शनिवार को भी कार्यालय खुलकर आईडी के मिलान का काम किया जाएगा। एक पखवाड़े से चली कवायद में सिर्फ 334 का ही मिलान अब तक हो सका है।
नगर निगम के सर्वे में निगम क्षेत्र में करीब 32 हजार आईडी ऐसी है जिनका मिलान निगम के किसी भी रिकार्ड से हुआ ही नहीं। इस बाबत संबंधित आईडी पर नोटिस भेजे तो वहां से कोई जवाब भी नहीं आया। नगर निगम ने प्रोपर्टी आईडी अपडेट करने और खामियां दूर करने के लिए वार्ड अनुसार भी कैंप लगाए थे। इसके बावजूद लोग ठीक करवाने नहीं पहुंचे।
ऐसे में निगम ने ऐसी आईडी की पहचान करते हुए एक तरह से लावारिश मान लिया है। फिर भी इसको अपडेट करवाने के लिए अंतिम मौका 25 नवंबर तक का दिया गया है। इस अवधि में यदि किसी ने आवेदन किया तो ठीक है, वरना वह प्रॉपर्टी आईडी खत्म कर दी जाएगी।
इन सभी प्रॉपर्टी आईडी पर करीब 20 करोड़ रुपए बकाया है। ऐसे में सीधे तौर पर निगम को इसके राजस्व का नुकसान होगा। मौजूदा समय में नगर निगम का वार्षिक लक्ष्य 25 करोड़ हैं जबकि अभी तक वसूली महज साढ़े तीन ही करोड़ की हो सकी है, ऐसे में समझा जा सकता है कि यदि 32 हजार आईडी यूं खत्म हो जाएगी तो निगम के लिए लक्ष्य प्राप्ति की राह कितनी मुश्किल होगी। निगम प्रशासन प्रॉपटी टैक्स वसूलने के मामले में न पिछड़ रहा है। इसके अतिरिक्त निगम में करीब 56 हजार खाली प्लाट की भी समस्या है। जहां से भी वसूली को लेकर हालात अनुकूल नहीं है।
