यूपी के मेरठ में शनिवार शाम को दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में अब तक 10 की मौत हो गई। मरने वालों में 6 बच्चे भी शामिल हैं। 5 लोगों को रेस्क्यू कर हॉस्पिटल भेजा गया है। 16 घंटे से लगातार रेस्क्यू जारी है। अभी मलबे में किसी के दबे होने की जानकारी नहीं है, लेकिन SDRF और NDRF की टीम ऑपरेशन में लगी है। हादसा शनिवार शाम 5.15 बजे लोहिया नगर थाना क्षेत्र के जाकिर कॉलोनी में हुआ था। 3 मंजिला घर ढह गया था। इसमें एक ही परिवार के 15 लोग दब गए थे। टीम स्निफर डॉग्स की मदद से मलबे को हटाकर देख रही है कि कोई और तो नहीं दबा है।
शुरुआती जांच में सामने आया कि तीन मंजिला बिल्डिंग 50 साल पुरानी थी। सिंगल पिलर पर खड़ी थी। पिलर कमजोर होने की वजह से हादसा हुआ। ADG डीके ठाकुर ने मीडिया मे बताया कि- घर में 63 साल की नफीसा अपने 4 बेटों के परिवार के साथ रहती थीं। ग्राउंड फ्लोर पर डेयरी चलती थी, इसलिए कई भैंसें भी मलबे में दब गईं।
मिली जानकारी के मुताबिक हुए हादसे में नफीसा उर्फ नफ्फो (63) की मौत हो गई। इनके 3 बेटे साकिब (20), नईम (22), नदीम (26) घायल हैं, जबकि दो बहू नदीम की पत्नी फरहाना (20) और नईम की पत्नी अलीसा (18) की मौत हुई है। साकिब की बेटी रिजा (7) और नईम की 5 महीने की बेटी रिमसा की भी मौत हुई है।
नफीसा का बड़े बेटे साजिद (40) की मौत हुई है। साजिद की बेटी सानिया (15) और बेटा साकिब (11) की भी मौत हो गई, जबकि पत्नी साइना (38) की हालत गंभीर है। मृतकों में 2 अन्य सेजाद की बेटी सिमरा (डेढ़ साल) और अबीद की बेटी आलिया (6) भी हैं। छह साल का सुफियान घायल है।
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक जैसे ही मकान भरभराकर गिरा, तुरंत वह लोग मलबे में दबे परिवार को बचाने के लिए दौड़े। तत्काल पुलिस को सूचना दी। गली सकरी होने के कारण बुलडोजर नहीं आ सका। इसलिए फायर ब्रिगेड की टीम ने मैनुअली रेस्क्यू शुरू किया। दो घंटे बाद दूसरी मशीनें आईं, इसके बाद तेजी से रेस्क्यू शुरू किया गया। ADM सूर्यकांत ने बताया- मृतकों के परिजनों को 4 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। मकान ध्वस्त का 1 लाख 20 हार का मुआवजा दिया जाएगा। CM योगी ने हादसे का संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। साथ ही बचाव कामों में तेजी लाने को कहा।
