रोहतक में बीमा पॉलिसी के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जहां एजेंट करीब 11 साल से एलआईसी पॉलिसी के नाम से छह माही किस्त लेता रहा, लेकिन जब बीमा धारक ने रसीद मांगी तो एजेंट ने देने से मना कर दिया और इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
गांव सैमाण निवासी चांद सिंह ने बताया कि वह किसान है और 14 मई 2010 को बीमा एजेंट द्वारा बीमा रजिस्टर करवाया। वहीं छह माह की किस्त 12004 रुपए की किस्त मई 2021 तक दी थी। वह अपनी फसलों को बेचकर किस्त भरता था। LIC की किस्त की दो रसीद बार-बार मांगने पर शिकायतकर्ता को दी गई।
उन्होंने बताया कि 2013 व 2014 की वार्षिक रसीद हैं। मई 2010 से मई 2021 तक छह माही किस्त अदा की गई। आरोपी एजेंट ने किस्तों की रसीद ना देकर उनका गबन कर लिया। वहीं पीड़ित को लगातार धोखे में रखा। जब मई 2021 में पीड़ित ने रसीद मांगी तो देने से ही मना कर दिया।
साथ ही आरोपी एजेंट ने बीमा पॉलिसी बंद करने की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़ित चांद सिंह पुलिस थान महम व एसपी रोहतक के पास शिकायत लेकर पहुंचा। आरोपी राजनीतिक व्यक्ति होने के कारण कार्रवाई को रफा दफा करता रहा। यहां तक कि पुलिस ने भी उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की।
न्याय के लिए पीड़ित भटकता रहा और न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित की शिकायत दर्ज की। पीड़ित ने कहा कि उसने 264088 (12004 रुपए की 11 साल तक छह माही) किस्त भरी हैं। शिकायत के आधार पर आरोपी एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
