हरियाणा के सिरसा जिले में इनेलो नेता और पूर्व विधायक Abhay Singh Chautala की गाड़ी में निर्धारित सीमा से अधिक पेट्रोल भरने के बाद एक पेट्रोल पंप संचालक को नोटिस का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, तेल कंपनी ने पेट्रोल पंप की सप्लाई भी अस्थायी रूप से रोक दी। बाद में अभय चौटाला के हस्तक्षेप के बाद सप्लाई दोबारा शुरू की गई।

अभय चौटाला ने सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले वह डबवाली स्थित अपने भतीजे के इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर गए थे। उनकी निशान पेट्रोल गाड़ी की टंकी बड़ी होने के कारण उसमें करीब 112 लीटर पेट्रोल डाला गया था।

कंपनी ने भेजा नोटिस, रोकी सप्लाई

पेट्रोल पंप संचालक संदीप चौधरी के अनुसार फिलिंग स्टेशन की सभी मशीनें तेल कंपनी के ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़ी हुई हैं। जैसे ही गाड़ी में 112 लीटर पेट्रोल भरा गया, इसकी जानकारी कंपनी को मिल गई। इसके बाद कंपनी ने पंप को नोटिस जारी कर दिया और सप्लाई रोक दी।

संदीप का कहना है कि कंपनी के निर्देशों के अनुसार एक वाहन में सीमित मात्रा से अधिक पेट्रोल भरने पर कार्रवाई की जाती है। हालांकि अभय चौटाला की गाड़ी की टंकी सामान्य वाहनों से काफी बड़ी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया मुद्दा

अभय चौटाला ने कहा कि उनकी गाड़ी की टंकी करीब 120 लीटर क्षमता की है। ऐसे में यदि टंकी फुल करवाई जाती है तो अधिक पेट्रोल भरना स्वाभाविक है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी वाहन की टंकी बड़ी है तो मालिक को बार-बार अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर जाकर ईंधन क्यों भरवाना पड़े।

उन्होंने दावा किया कि ऐसे नियमों से केवल वाहन मालिक ही नहीं, बल्कि किसान भी प्रभावित हो रहे हैं।

किसानों का भी जिक्र

चौटाला ने कहा कि धान की बुवाई के सीजन में किसान बड़ी मात्रा में डीजल खरीदते हैं। यदि एक बार में सीमित मात्रा ही खरीदने की अनुमति होगी तो किसानों को बार-बार पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाने पड़ेंगे, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत होगी।

पेट्रोल पंप संचालकों की भी परेशानी

पेट्रोल पंप संचालक संदीप चौधरी ने बताया कि ग्राहक अक्सर निर्धारित सीमा को लेकर बहस करते हैं। किसान ड्रम भरवाने आते हैं और कई बार तय सीमा के कारण उन्हें परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि अभय चौटाला की गाड़ी में पेट्रोल भरने के बाद कंपनी यह मानने को तैयार नहीं थी कि इतना ईंधन वास्तव में एक ही वाहन में भरा गया है।

एसोसिएशन ने भी जताई चिंता

पेट्रोल पंप एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि ऑटोमेशन सिस्टम के कारण निर्धारित सीमा से अधिक ईंधन भरते ही कंपनी को जानकारी मिल जाती है। उनका मानना है कि बड़ी क्षमता वाले वाहनों और कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए।

कंपनी का पक्ष

इंडियन ऑयल के अधिकारियों का कहना है कि सभी डीलरों को सरकार की गाइडलाइन और अधिसूचनाओं का पालन करना होता है। यदि किसी नियम से संबंधित आपत्ति है तो उसे सरकार के समक्ष उठाया जा सकता है।

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