हरियाणा के सोनीपत जिले में चोरी के आरोप में दो युवकों को ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाकर मारपीट करने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों युवकों को नंगा कर हाथ-पैर बांधकर पीटा जाता दिखाई दे रहा है। वीडियो में ग्रामीण युवकों से चोरी की वारदात कबूल करवाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
मामला सोनीपत के गांव मेहंदीपुर का बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों युवक किसानों के खेतों से ट्यूबवेल मोटर और बिजली के तार चोरी करने में शामिल थे। ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया, लेकिन पुलिस को सूचना देने के बजाय खुद ही सजा देना शुरू कर दिया।
वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि दोनों युवकों के हाथ और पैरों के बीच डंडा फंसाकर रस्सियों से बांधा गया है। इसके बाद उन्हें खेत में बैठाकर पूछताछ की जाती है। वीडियो में एक युवक ग्रामीणों से कहता सुनाई देता है कि “चाचा, मैं कहीं नहीं जाऊंगा, बस हाथ बांध दो।”
ग्रामीण वीडियो में युवकों से उनकी पहचान, गांव और परिवार के बारे में पूछताछ करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं कुछ वीडियो में दोनों युवकों को कपड़े उतरवाकर खेत में बैठाया गया है। आरोप है कि उनके साथ मारपीट भी की गई और दबाव बनाकर चोरी की बात कबूल करवाने की कोशिश की गई।
गांव मेहंदीपुर के सरपंच रमेश ने बताया कि मेहंदीपुर, गढ़ी और बख्तावरपुर समेत आसपास के गांवों में लंबे समय से खेतों से चोरी की घटनाएं हो रही हैं। किसानों की ट्यूबवेल मोटर, बिजली के तार और अन्य सामान चोरी होने से ग्रामीण परेशान हैं। उनका दावा है कि क्षेत्र में अब तक करीब 99 चोरी की वारदातें हो चुकी हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पकड़े गए युवक चोरी की गई मोटर बेचने की फिराक में थे, तभी उन्हें पकड़ लिया गया। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि दोनों युवक नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। हालांकि पुलिस या किसी अन्य एजेंसी ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
सरपंच के अनुसार वायरल वीडियो करीब 18 से 20 दिन पुराना है। मुरथल थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं कानून विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आरोपी को सजा देने का अधिकार केवल कानून और न्यायालय को है, कानून हाथ में लेना अपने आप में अपराध की श्रेणी में आता है।वैकल्पिक
