पानीपत से पुलिस हेड कॉन्स्टेबल समेत 3 लोगों की प्रताड़ना से परेशान एक युवक का आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक युवक को 5 दिन पहले जहर खाने के बाद गंभीर हालत में करनाल के कल्पना चावला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने पोस्टमॉर्टम करवाने और शव लेने से इनकार कर दिया।

जानकारी के अनुसार बीते दिन मृतक के परिजन अपनी शिकायत लेकर पानीपत SP के कार्यालय पहुंचे। यहां परिजनों ने SP को 4 पन्नों की लिखित शिकायत देकर हेड कॉन्स्टेबल समेत 3 लोगों पर परेशान करने, रिश्वत मांगने और धमकी देने का आरोप लगाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने परिजनों से कहा कि वह उचित कार्रवाई करेंगे, लेकिन परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह शव नहीं लेंगे। पुलिस ने इस मामले में आरोपी हेड कॉन्स्टेबल समेत 3 आरोपियों के खिलाफ मरने को मजबूर करने और एंटी करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

SP को दी शिकायत में मामन राम ने बताया कि वह गांव बिंझौल का रहने वाला है। उसके पोते गुरमीत (24) का गांव के रहने वाले राजपाल के साथ झगड़ा हो गया था। झगड़े के दौरान राजपाल को चोट लगी थी। जिसकी शिकायत राजपाल ने 8 मरला चौकी पुलिस को दी थी।

इसके बाद राजपाल को 5 हजार रुपए देकर इनका आपस में समझौता हो गया, लेकिन बाद में 8 मरला चौकी के जांच अधिकारी हेड कॉन्स्टेबल अभिमन्यु, राजपाल और समझौता कराने वाले सुरेश ने मिलीभगत करके उस पर उसके पोते पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने कहा कि पुलिस को दी उसकी शिकायत का निपटारा करना है तो 5 हजार रुपए देने होंगे।

मामन ने कहा कि गुरमीत ने हेड कॉन्स्टेबल अभिमन्यु व सुरेश को कहीं से उधार लेकर 3 हजार रुपए दिए। बाकी 2 हजार रुपए देने के लिए अभिमन्यु से समय मांगा, लेकिन उसने कहा कि बाद में कहां से पैसे आएंगे, देने अभी भी हैं और बाद में भी। इसलिए अभी दे दे। तब गुरमीत ने अभिमन्यु को कहा कि वह अपना मोबाइल फोन बेच देगा, जिसके बाद उन्हें पैसे देगा।

इसके बाद अभिमन्यु तैश में आ गया और कहा कि ज्यादा दिन नहीं है तेरे पास, अगर देरी की तो तुझे राजपाल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करके जेल के अंदर डाल दूंगा। इसके बाद गुरमीत अपने घर आ गया। अभिमन्यु आए दिन गुरमीत को लगातार फोन करके परेशान व तंग करता रहा और लगातार मुकदमा दर्ज करने की धमकियां देता रहा। गुरमीत इसे नजर अंदाज करता रहा, लेकिन अभिमन्यु ने उसे फोन करना और धमकाना जारी रखा।

दादा ने बताया कि 25 दिसंबर को गुरमीत को चौकी में बुलाया। जहां अभिमन्यु ने उसकी थप्पड़ों व डंडों से पिटाई की। उसे डराया गया कि अभी उसे हवालात के अंदर कर देंगे। सुबह से शाम तक उसे चौकी में बैठाकर रखा। इसके बाद राजपाल ने अभिमन्यु को कॉल किया और इस शर्त पर छोड़ा कि वह सुबह चौकी में पेश होकर 2 हजार रुपए दे देगा।

26 दिसंबर को गुरमीत, राजपाल और सुरेश के साथ चौकी में गया और अभिमन्यु को कहा कि उसके पास पैसे नहीं है, उसे थोड़ा और समय दे दो। राजपाल और सुरेश ने भी समय देने को कहा। गुरमीत वहां से चला गया, लेकिन कुछ ही देर बाद अभिमन्यु ने राजपाल और सुरेश के कहने पर गुरमीत को फोन किया और कहा कि वह उसे अंदर करेगा। अगर अंदर नहीं जाना तो पैसे लेकर जल्दी आ आए।

तंग होकर गुरमीत ने बाहर दुकान से जहर लेकर पैसे न होने के कारण 8 मरला चौकी के सामने अभिमन्यु को कहा कि उसे परेशान मत करो। अभिमन्यु ने कहा कि पैसे तो देने ही होंगे, नहीं तो अभी जेल में डाल दूंगा। जिसके बाद गुरमीत ने चौकी के सामने जहर खा लिया।

गुरमीत के भाई नीरज के पास कहीं से फोन आया कि गुरमीत ने जहर खा लिया है और वह 8 मरला चौकी के सामने बिना कपड़ों के पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। गुरमीत को वहां से सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान 31 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।

इस मामले में आठ मरला चौकी इंचार्ज विजेंद्र कुंडू का कहना है कि मृतक के दादा की शिकायत पर आरोपी हेड कॉन्स्टेबल अभिमन्यु व राजपाल और सुरेश के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 108, 115, 308(6), 351(3) और एंटी करप्शन एक्ट 13(7) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अब शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।

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