हरियाणा में आज से अगले 4 दिन तक मानसून एक्टिव रहेगा। चंडीगढ़ मौसम विभाग की और से जारी बुलेटिन में 22 जुलाई तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की आशंका जताई है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने सभी 22 जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
वहीं अब बाढ़ का पानी फतेहाबाद तक पहुंच गया है, लोगों को जरूरत का सामान लेने के लिए 4 फिट पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। प्रशासन ने मदद के लिए सेना बुला ली है। वहीं सिरसा में 4 हजार क्यूसेक तक घग्गर का जलस्तर पहुंच गया है।
वहीं घग्गर और यमुना नदी के किनारे बसे 557 गांवों में अभी भी बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। गांव के अलावा शहरों के 33 वार्ड भी पानी की चपेट में हैं। राज्य के 12 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक बाढ़ और बिजली गिरने से 34 की मौत हो चुकी है, दो अभी भी लापता हैं। इधर, दिल्ली सरकार ने हरियाणा से जाने वाले भारी वाहनों की एंट्री पर लगी रोक हटा ली है।
मौसम विभाग ने सुबह 10 बज तक गुहला, पिहोवा, अंबाला, सोनीपत, गन्नौर, समालखा, बापौली, घरौंडा, करनाल, गोहाना, इसराना, सफीदों, पानीपत, असंध , कैथल, निलोखेरी, थानेसर, शाहाबाद, नारायणगढ़ शामिल बारिश का अलर्ट जारी किया है।
हरियाणा के दो जिलों में घग्गर नदी अभी भी तबाही मचाए हुए है। राज्य के फतेहाबाद और सिरसा में नदी के प्रकोप से 150 गांव प्रभावित हैं। फतेहाबाद में करीब 106 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, इससे 80 हजार एकड़ फसल पानी में डूब गई है।
वहीं सिरसा में घग्गर नदी का जलस्तर ओटू हेड पर 35,300 क्यूसेक पहुंच गया है। यहां के 30 गांव में बाढ़ का पानी का खड़ा हुआ है। 10 हजार एकड़ फसल खराब हो चुकी है।
