हरियाणा की परिवार पहचान पत्र (PPP) योजना अब राज्य में महिलाओं को सशक्त बनाने का बड़ा जरिया बनती जा रही है। प्रदेश में 23.30 लाख से ज्यादा परिवारों में महिलाओं को परिवार का मुखिया दर्ज किया गया है। साथ ही PPP पोर्टल में 105 प्रकार के पारिवारिक रिश्तों को जोड़ने की सुविधा भी दी गई है।

PPP के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा में वर्तमान में 77.50 लाख परिवार पहचान पत्र रजिस्टर्ड हैं। इनके माध्यम से करीब 2.98 करोड़ नागरिकों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया है। यह व्यवस्था लगभग पूरे राज्य को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ चुकी है।

PPP आंकड़ों के मुताबिक 23,30,394 परिवारों में महिला को मुखिया के रूप में दर्ज किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ी है और योजनाओं का लाभ लेने में भी आसानी हुई है। महिला मुखिया दर्ज होने से कई योजनाओं का लाभ सीधे पात्र महिलाओं तक पहुंच रहा है।

परिवार पहचान पत्र की सबसे बड़ी विशेषताओं में 105 रिश्तों की पहचान भी शामिल है। इससे संयुक्त परिवारों और अलग-अलग सामाजिक संरचनाओं का सही रिकॉर्ड तैयार हो रहा है। सरकार का मानना है कि इससे डेटा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता मजबूत हुई है।

PPP के माध्यम से आय और परिवार से जुड़ी जानकारी का डिजिटल सत्यापन किया जा रहा है। इससे लोगों को विभिन्न विभागों में बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम हो गई है और सरकारी योजनाओं का लाभ जल्दी मिल रहा है।

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