सिंघानी गांव के खेतों में अध्यापिका मनीषा का शव मिलने की घटना को एक साल पूरा हो गया है, लेकिन परिवार को अब तक उसकी मौत की परिस्थितियों और जिम्मेदार व्यक्ति के बारे में स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। मामले की जांच सीबीआई के पास है।
14 अगस्त 2026 को अदालत में जांच रिपोर्ट दाखिल किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में परिवार और क्षेत्र के लोगों की निगाहें रिपोर्ट पर टिकी हैं। मनीषा की पहली बरसी पर ढाणी लक्ष्मण में शोक सभा भी आयोजित की जाएगी।
मनीषा ढाणी लक्ष्मण की रहने वाली थी और प्ले स्कूल में बच्चों को पढ़ाती थी। 11 अगस्त 2025 को वह स्कूल जाने के लिए घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने तलाश के बाद डायल-112 पर सूचना दी। 13 अगस्त को सिंघानी के खेतों में नहर के पास उसका शव मिला। परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताते हुए प्रदर्शन किया और शव उठाने से इनकार कर दिया।
14 अगस्त को जिला नागरिक अस्पताल में धरना शुरू हुआ। पुलिस ने छह टीमें गठित कीं। 15 अगस्त को दोबारा पोस्टमार्टम की मांग उठी। 16 अगस्त को तत्कालीन भिवानी एसपी को हटाया गया और लोहारू थाने के कई पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई हुई। ढिगावा मंडी में धरना और दिल्ली रोड जाम जारी रहा। बाद में रोहतक पीजीआई में पोस्टमार्टम कराया गया।
18 अगस्त को कथित सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। 19 अगस्त को मनीषा के पिता ने बेटी की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार किया। 20 अगस्त को सरकार ने सीबीआई जांच का ऐलान किया और दिल्ली एम्स में तीसरी बार पोस्टमार्टम कराया गया। 21 अगस्त को अंतिम संस्कार हुआ। 26 अगस्त को जांच सीबीआई को सौंप दी गई और तीन सितंबर को टीम भिवानी पहुंची
एक साल बाद अब परिवार को 14 अगस्त को अदालत में पेश होने वाली सीबीआई रिपोर्ट से मामले की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है। परिवार और ग्रामीणों की मांग है कि मनीषा की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा हो और जिम्मेदारी तय होने पर कार्रवाई की जाए।

