हरियाणा के गुरुग्राम में पति-पत्नी के बीच हो रहे मजाक में पत्नी की चौथी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। पत्नी छत की दीवार पर चढ़कर बैठ गई। तभी उसने मजाकिया अंदाज में पति से कहा कि ‘अगर मैं गिर गई तो क्या तुम मुझे बचा लोगे’? पति ने उसे उतरने के लिए खाना न खाने की कसम दी।

यह सुनकर जैसे ही पत्नी उतरने लगी तो उसका संतुलन बिगड़ गया और वह चौथी मंजिल से लटक गई। पति ने उसे बचाने के लिए अपनी बाहों में जकड़ लिया। 2 मिनट तक उसे बचाने की पूरी कोशिश की और बाहों में जकड़े रखा। आखिर में वह पति के हाथों से फिसल गई और चौथी मंजिल से नीचे जा गिरी। उसे अस्पताल ले जाया गया, वहां उसकी मौत हो गई।

दुर्योधन के मुताबिक वह राव मूल रूप से उड़ीसा के गंजम जिले के रहने वाले हैं। लगभग ढाई साल उनकी शादी वहीं की लड़की पार्वती (22) से पहले हुई थी। दुर्योधन एक निजी फर्म में सोशल मीडिया कंटेंट मॉडरेटर के रूप में काम करते हैं, जबकि पार्वती एक कॉल सेंटर में एग्जीक्यूटिव थीं। दोनों गुरुग्राम के DLF फेज 3 में 2BHK फ्लैट में रह रहे थे।

दुर्योधन के मुताबिक 15 जुलाई की शाम को मैं और पत्नी पार्वती छत पर कुछ पल सुकून के बिताने के लिए गए थे। उस समय मौसम भी सुहावना था। हम हंसी-मजाक कर रहे थे। अचानक पार्वती छत की दीवार पर चढ़ गई और किनारे पर दोनों ओर पैर लटकाकर बैठ गई। तब पार्वती ने मजाक में मुझसे पूछा कि ‘अगर मैं गिर जाऊं तो क्या तुम मुझे बचा लोगे?’ मैंने उसे तुरंत नीचे उतरने को कहा और उसे अपनी तरफ खींचने के लिए आगे बढ़ा।

दुर्योधन के मुताबिक उन्होंने पार्वती को कसम दी कि अगर तुम नहीं उतरी तो मैं खाना नहीं खाऊंगा। यह सुनकर वह नीचे उतरने की कोशिश करने लगी। तभी उसका संतुलन बिगड़ गया। मैंने उसे तुरंत पकड़ लिया और वह मेरी बाहों में लटक गई। हम दोनों मदद के लिए चिल्लाने लगे, लेकिन उस समय कोई भी व्यक्ति आसपास नहीं था। मैंने 2 मिनट तक पार्वती को कसकर पकड़े रखा। तभी बाहें थकने लगीं और घबराहट में पसीना आने लगा।

उन्होंने कहा कि छत से टकराने के कारण मेरे हाथ और छाती पर निशान बन गए। तमाम कोशिश के बावजूद पार्वती हाथ से छूट गई। वह चौथी मंजिल से नीचे जमीन पर जाकर गिरी। मैं तुरंत नीचे की तरफ भागा और पार्वती को संभाला। तुरंत उसे अस्पताल ले गए। रास्ते में वह दर्द से चीख रही थी। मैंने उसे दिलासा दिया कि सब ठीक हो जाएगा। अस्पताल में पहुंचने के आधे घंटे बाद पार्वती ने दम तोड़ दिया। नीचे गिरने की वजह से उसे काफी चोटें लगी थीं।

दुर्योधन के मुताबिक सब कुछ बहुत जल्दी हो गया। हमने शादी के तुरंत बाद गुरुग्राम में नई जिंदगी शुरू की थी। हमारा सपना था कि यहां मेहनत करके एक बेहतर भविष्य बनाएंगे, लेकिन सब कुछ इतनी जल्दी खत्म हो गया। अस्पताल ले जाते समय वह बार-बार कह रही थी कि मुझे बहुत दर्द हो रहा है। मुझे यही उम्मीद थी कि वह ठीक हो जाएगी।

19 जुलाई को दुर्योधन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा- तुम मेरी जिंदगी हो, तुम मेरी सबकुछ हो प्लीज वापस आ जाओ। मैं तुम्हारी आवाज, महसूस और स्पर्श का इंतजार कर रहा हूं। प्लीज वापस आ जाओ।

DLF फेस तीन थाने के जांच अधिकारी रजत राव ने घटना को दर्दनाक बताया। उन्होंने पुष्टि की कि इसमें किसी की गलती नजर नहीं आई है। पार्वती के परिवार को भी किसी प्रकार का संदेह नहीं है। दुर्योधन के हाथ और छाती पर चोट के निशान भी यह साबित करते हैं कि उन्होंने पत्नी को बचाने की भरपूर कोशिश की थी। पोस्टमॉर्टम के बाद पार्वती का शव परिवार को सौंप दिया गया है। पुलिस को इस हादसे में किसी भी तरह की कोई आपराधिक गतिविधि का कोई सबूत नहीं मिला है।

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