रोहतक/हिसार। हरियाणा में चक्रवात ‘अर्नब’ और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के चलते मौसम लगातार बदल रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 18 जिलों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनमें 9 जिलों में ऑरेंज और 9 जिलों में येलो अलर्ट है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।
शुक्रवार सुबह फरीदाबाद, नारनौल और पानीपत के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी हुई, जबकि हिसार और सोनीपत में आसमान में घने बादल छाए रहे। इससे पहले गुरुवार को भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश देखने को मिली थी।
रोहतक समेत इन 9 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने रोहतक, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, कैथल, जींद, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पंचकूला में येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, ओले गिरने की आशंका
यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, झज्जर, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही आंधी, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है।
अधिकतम तापमान में 7 डिग्री की गिरावट
मौसम में आए बदलाव का असर तापमान पर भी दिखाई दिया है। हरियाणा के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। यह सामान्य से लगभग 5.8 डिग्री कम रहा। लगातार बादल छाने और बारिश के कारण दिन के समय भी ठंडक महसूस की जा रही है।
31 अक्टूबर तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 29 अक्टूबर से हवाओं की दिशा में बदलाव आया है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं की जगह उत्तर-पूर्वी हवाएं चलने और बंगाल की खाड़ी की तरफ से नमी आने के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
उनके अनुसार, 31 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश भी संभव है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होगी।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। किसानों को भी फसलों और कृषि कार्यों को लेकर स्थानीय मौसम सलाह के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए।
