रोहतक। गर्मी बढ़ते ही जन स्वास्थ्य विभाग का हलक सूखने लगा है। हर गर्मी के सीजन व नहर बंदी पर शहर में पेयजल संकट रहता है। पुराने शहर की करीब 40 कॉलोनियों में पानी की कटौती शुरू हो गई है। दो समय मिलने वाला पानी अब एक समय सप्लाई किया जाने लगा है।
शेड्यूल के अनुसार, जेएलएन नहर में 28000-3000 क्यूसेक पानी की मांग रहती है। 11 अप्रैल को 24 दिन बाद जेएलएन नहर में पानी आना है लेकिन सिंचाई विभाग ने 14 अप्रैल या इसके बाद नहर में पानी आने का दावा किया है।
जन स्वास्थ्य विभाग के दावे के अनुसार, नहरों में पानी बंद होने के आठ दिन बाद तक शहरवासियों को सुचारु सप्लाई दी जा सकती है। नहरी पानी बंद होने के आठ दिन बाद सोनीपत रोड स्थित जलघर-1 की कॉलोनियों में एक समय पानी शुरू हो गया है।
155 लीटर प्रति व्यक्ति मिलने वाला पानी 80 लीटर से भी कम हो गया है। वहीं, पश्चिमी यमुना नहर से कटौती जारी रही तो 14 अप्रैल के बाद भी शहरवासियों को कटौती के साथ पानी मिलने के आसार हैं। शहरवासियों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
प्रेम नगर, दुर्गा कॉलोनी, सलारा मोहल्ला, शौरा कोठी, पाड़ा मोहल्ला, रैनकपुरा, पटवार खाना, चमनपुरा, मॉडल टाउन, रामगोपाल कॉलोनी, माता दरवाजा, बाबरा मोहल्ला, चुन्नीपुरा समेत करीब 40 कॉलोनियां।
शहरवासियों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी है। जलघर-एक की कॉलोनियों में एक समय पानी की सप्लाई की जा रही है। अन्य जलघरों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। सिंचाई विभाग ने 14 अप्रैल को नहर से पानी मिलने की बात कही है।
जेएलएन नहर में 2800 से 3000 क्यूसेक पानी की मांग रहती है। शेड्यूल के अनुसार 14 अप्रैल को नहर में पानी आना है। इस बार कृषि क्षेत्र में पानी की मांग कम है। मुख्य हेड से पानी की कटौती होगी तो रोहतक में असर पड़ सकता है।

