राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए SACB के डीजीपी डॉ. अर्शिंदर सिंह चावला को जांच का जिम्मा सौंपा है। अधिकारियों को तय समयसीमा में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
इन विश्वविद्यालयों के VC जांच के घेरे में
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार – प्रो. नरसी राम
दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल – प्रो. प्रकाश सिंह
श्री कृष्ण आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र – प्रो. करतार सिंह धीमान
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक – पूर्व VC प्रो. राजबीर सिंह
DCRUST में 50 करोड़ के फंड पर सवाल
मुरथल स्थित DCRUST के VC प्रो. प्रकाश सिंह पर छात्र कोष से जुड़े गंभीर आरोप हैं। शिकायत के अनुसार करीब 50 करोड़ रुपये सरकारी बैंक की बजाय निजी बैंक में कम ब्याज दर पर FD में जमा किए गए, जिससे विश्वविद्यालय को नुकसान हुआ।
GJU के VC प्रो. नरसी राम पर गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। हालांकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है।
SKAU में आरक्षण नियम उल्लंघन का आरोप
कुरुक्षेत्र के SKAU में VC प्रो. करतार सिंह धीमान पर भर्ती में आरक्षण रोस्टर का पालन न करने के आरोप हैं। VC ने इन्हें निराधार बताया है।
MDU रोहतक में खरीद और नियुक्तियों पर सवाल
पूर्व VC प्रो. राजबीर सिंह पर पौधों की खरीद में वित्तीय गड़बड़ी और नियुक्तियों में अधिकारों के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं।
आगे क्या कार्रवाई होगी
SACB के डीजीपी डॉ. अर्शिंदर सिंह चावला के अनुसार, सभी मामलों की जांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी तक की कार्रवाई हो सकती है।
