सोनीपत नगर निगम चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी में भीतरघात और अनुशासनहीनता को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं के खिलाफ अब संगठन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक नगर निगम चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से हटकर काम करने वाले और अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले एक दर्जन से ज्यादा नेताओं के नाम कांग्रेस हाईकमान को भेजे गए हैं।

बताया जा रहा है कि इन नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान ने रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को भेजी है। इसी बीच कांग्रेस ने 2 नेताओं कुलदीप खासा और सतबीर निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।

पार्टी विरोधी गतिविधियों पर कांग्रेस का सख्त रुख

सोनीपत कांग्रेस की ओर से बताया गया है कि कुलदीप खासा और सतबीर निर्माण पार्टी विरोधी गतिविधियों में लगातार शामिल पाए गए। दोनों नेताओं पर वरिष्ठ पदाधिकारियों और संगठन के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करने के आरोप लगाए गए हैं। इसके चलते उन्हें कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने के साथ-साथ पार्टी में दिए गए सभी पदों से भी मुक्त कर दिया गया है।

कमल दिवान बोले- अनुशासन से समझौता नहीं

कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी को संगठन की गरिमा के खिलाफ जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से दोनों नेता पार्टी की नीतियों के विपरीत काम कर रहे थे और सार्वजनिक मंचों पर वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ बयानबाजी कर संगठन की छवि खराब कर रहे थे।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस एक अनुशासित संगठन है और पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की गुटबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी नेता को कोई आपत्ति है तो उसके लिए पार्टी मंच उपलब्ध हैं, लेकिन मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक बयान देना सीधे तौर पर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

चुनाव में भीतरघात करने वालों पर भी नजर

सूत्रों के अनुसार नगर निगम चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले कई नेताओं के नाम भी हाईकमान को भेजे गए हैं। इनमें बंसी कुंडू, नरेंद्र गोयल, अनिल रोहिल्ला, मोनिका नगर, राजपाल, संजीव टोंक, संतोष कादियान, यशवंत सिंह, सतबीर निर्माण, कुलदीप खासा और पवन गर्ग सहित कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं।

माना जा रहा है कि पार्टी इन नेताओं के खिलाफ भी आगामी दिनों में कार्रवाई कर सकती है। वहीं कुछ बड़े नेताओं के नामों को लेकर भी संगठन स्तर पर चर्चा चल रही है।

सतबीर निर्माण ने कार्रवाई को बताया गलत

कांग्रेस के शैलजा गुट से जुड़े नेता सतबीर निर्माण ने अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि

मई को राजीव गांधी जयंती कार्यक्रम के दौरान वह कांग्रेस भवन में मंच से अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नेतृत्व के कारण पार्टी लगातार कमजोर हो रही है। सतबीर निर्माण ने दावा किया कि नगर निगम चुनाव में आखिरी समय पर उनकी टिकट काट दी गई थी और टिकट पैसों के आधार पर दूसरे व्यक्ति को दे दी गई।

उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं और खुद को पार्टी से निष्कासित किया जाना स्वीकार नहीं करते। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिला अध्यक्ष कमल दिवान को उन्हें पार्टी से निकालने का अधिकार नहीं है और इस पूरे मामले की जांच हाईकमान से करवाई जानी चाहिए।

कुलदीप खासा ने टिकट वितरण पर उठाए सवाल

वहीं कुलदीप खासा ने भी पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि मेयर चुनाव के दौरान जिताऊ उम्मीदवारों की टिकट काटकर हारने वाले लोगों को टिकट दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत टिकट वितरण के कारण कांग्रेस को नुकसान हुआ और पार्टी को कमजोर करने का काम किया गया।

कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने के निर्देश

पार्टी की इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस संगठन की ओर से कार्यकर्ताओं को आगामी कार्यक्रमों में पूरी एकजुटता के साथ जुटने के निर्देश दिए गए हैं। संगठन अब नगर निगम चुनाव के बाद पैदा हुए असंतोष और गुटबाजी को नियंत्रित करने में जुट गया है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के भीतर अनुशासन को लेकर और भी बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।
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