महावीर जयंती जैन धर्म का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह दिन भगवान महावीर स्वामी (जिन्हें वर्धमान भी कहा जाता है) की जन्म जयंती  के रूप में मनाया जाता है। भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे, और उन्होंने सत्य, अहिंसा और आत्म संयम का मार्ग दिखाया। इस दिन जैन अनुयायी तप, ध्यान और दान के माध्यम से महावीर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। महावीर स्वामी ने मोक्ष प्राप्ति के लिए  5 प्रमुख नियम बताए जिन्हें  “पंच महाव्रत” कहा जाता है। हर किसी को होनी चाहिए इसकी जानकारी।

अहिंसा

सदा सत्य बोलना, छल-कपट और झूठ से दूर रहना।अगर सत्य किसी को चोट पहुंचाए, तो उसे न बोलना बेहतर होता है।

अचौर्य

बिना अनुमति किसी की वस्तु लेना चोरी है , चाहे वह वस्तु, विचार या समय ही क्यों न हो।

ब्रह्मचर्य

इच्छाओं पर संयम और विषय-वासना से दूर रहना। गृहस्थों के लिए संयमित जीवन और संयमित संबंधों की शिक्षा दी गई है।

अपरिग्रह

अत्यधिक संग्रह, लालच और मोह से दूर रहना, जितना आवश्यक हो उतना ही उपभोग करना।

मोक्ष प्राप्त करने हेतु 4 गुण- अनंत ज्ञान, अनंत दर्शन, अनंत चारित्र, अनंत सुख।
-प्रत्येक जीव अपने कर्मों का मालिक है, मोक्ष प्राप्ति के लिए शुभ कर्म और संयम जरूरी हैं।
-हर चीज को देखने के अनेक दृष्टिकोण होते हैं, अतः सहिष्णुता और समझ जरूरी है। 

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