कहते हैं झगड़े की 3 वजह हो सकती हैं -जर-जोरू और जमीन। रोहतक के गांव बलियाना में हो चुकी 3 हत्याओं के पीछे महज 500 रुपए का विवाद है। गांव में परचून की दुकान चलाने वाले जगबीर ने अपने ग्राहक सचिन उर्फ सागर से उधारी के 500 रुपए मांगे थे। यही बात सागर को चुभ गई और उसने जगबीर की गोली मारकर हत्या कर दी।

सागर जेल में बंद है। 7 नवंबर को उसके पिता धर्मबीर और छोटे भाई दीपक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जगबीर की हत्या का बदला लेने के लिए छाती में गोली मारकर यह डबल मर्डर कांड हुआ। अब गांव में तनाव का माहौल है। तीन हत्याएं हो चुकी हैं। मामला अभी शांत नहीं हो रहा। ऐसे में गांव में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है।

जेल में बंद सचिन को पिता व भाई के अंतिम संस्कार में शामिल करने के लिए बेड़ियों में श्मशान घाट लाया गया। जहां भाई और पिता की लाश देखकर सागर आपा खो बैठा। पुलिस की मौजूदगी में ही जोर-जोर से रुक्के मारकर बोलने लगा। उंगली दिखाते हुए कहा- मैं सचिन उर्फ सागर ऐलान करता हूं कि जेल से बाहर आकर इन दोनों की हत्या का बदला जरूर लूंगा। बदला भी ऐसा लूंगा कि सारा गांव देखता रह जाएगा। अगर किसी में दम है तो मुझे रोक कर दिखा दे।

गांव बलियाना में पिता-पुत्र की हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गए। आरोपियों के मृतक के घर अंदर जाने व बाहर निकलने की फुटेज सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की थी। पुलिस ने दो आरोपियों को खरखौदा में पुलिस मुठभेड़ के दौरान काबू किया, जिनमें हिमांशु व सन्नी शामिल हैं। बाकी 3 की तलाश जारी है।

गांव बलियाना में गैंगवार छिड़ने की आशंका से पुलिस फोर्स को तैनात किया है। मृतक धर्मबीर के घर के बाहर पुलिस तैनात है। वहीं आरोपियों के परिवार से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।

उसी दिन जगबीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक जगबीर की हत्या में 3 लोग शामिल थे, जिसमें गांव के ही धर्मबीर का बड़ा बेटा सचिन उर्फ सागर, गांव सुनारिया का राहुल उर्फ चेता और एक नाबालिग आरोपी था। आरोपियों को जेल भेज दिया था।

जगबीर के मर्डर केस में सागर को जेल हो गई। लेकिन जगबीर के परिजन इससे शांत नहीं हुए। उनके भीतर गुस्से की आग धधकती रही। वे लगातार मौका तलाश रहे थे कि कब हत्या का बदला लें। वारदात के समय सागर का छोटा भाई दीपक दोस्तों के साथ चौकीदार की बैठक में था। जबकि सागर का पिता धर्मबीर अपने घर पर था।

सीसीटीवी में दिखा कि शनिवार को 5 युवक आए। पहले ये उस घर में गए जहां दीपक बैठा था। वहां घुसते हुई दीपक से पूछा पिता का नाम क्या है। जैसे ही उसने धर्मबीर बताया, तभी उसकी छाती में गोली मार दी। इसके बाद उन्होंने धर्मवीर को भी गोली मार दी। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। हालांकि आते और जाते समय वे सीसीटीवी में कैद हो गए। FIR में जगबीर के भाई सचिन का नाम भी है।

गांव बलियाना में पिता-पुत्र की हत्या करने के मामले में पुलिस मृतक धर्मबीर के बड़े बेटे सचिन उर्फ सागर को रात के समय जेल से 2 घंटे की पैरोल पर बाहर लेकर आई। गांव के श्मशान घाट में रात को ही एक ही चिता पर पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार करवाया गया। पुलिस की हथकड़ी में बंधे हुए ही सचिन ने पिता व भाई को मुखाग्नि दी। इसके बाद जोर-जोर से चिल्लाकर बदला लेने की बात कही।

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