बहादुरगढ़ के एसीपी क्राइम प्रदीप नैन ने बताया कि इन बदमाशों पर 10 दिन पहले दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी दीपक मांझी के अपहरण और हत्या का मामला दर्ज हुआ था। जिस वक्त यह अपहरण हुआ दीपक मांझी पेपर देने के लिए सापला आया हुआ था। वहीं से चार बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया था। दीपक के परिजनों से बदमाशों ने 5 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी थी।

जब बदमाश फिरौती लेने पहुंचे थे तो पुलिस ने घेराबंदी करके एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं यह तीन आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इसी बीच आरोपियों ने दीपक मांझी की गला दबा कर हत्या कर दी थी और रोहतक के कारोर गांव के पास से गुजर रही माइनर में हाथ पैर बांधकर फेंक दिया था। तभी से ये बदमाश पुलिस के रडार पर थे।
फिलहाल तीनों घायल बदमाशों का इलाज बहादुरगढ़ के ट्रामा सेंटर में किया जा रहा है। इन्हें इलाज के लिए पीजीआईएमएस रोहतक भेजा जाएगा और स्वस्थ होने पर कोर्ट में पेश करके पुलिस से तीनों को पूछताछ के लिए रिमांड पर भी लगी। पुलिस पूछताछ में बदमाशों से और भी कई वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है।
