रोहतक में वीमेंस वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह देखने को मिला। भारतीय टीम की ओपनर खिलाड़ी शैफाली वर्मा का परिवार और कोचिंग लेने वाली एकेडमी के लोग मैच का लाइव प्रसारण देखने के लिए काफी उत्साहित नजर आए।

शैफाली वर्मा को भारतीय ओपनर प्रतीका रावल के इंजर्ड होने के बाद वीमेंस वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिला है। इस वर्ड कप में अपना दूसरा मैच खेल रहीं ओपनर शैफाली वर्मा ने अर्धशतक लगाया है। वह 87 के निजी स्कोर पर आउट हुईं। इस दौरान उन्होंने 78 गेंदों का सामना किया। शैफाली वर्मा ने अपनी पारी में शानदार 7 चौके और 2 छक्के लगाए।

वीमेंस वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबले का लाइव प्रसारण देखने के लिए झज्जर रोड स्थित श्रीराम क्रिकेट एकेडमी में व्यवस्था की गई, जिसमें शैफाली वर्मा के परिवार के लोग भी मौजूद है। शैफाली वर्मा के माता-पिता और भाई बहन भी मुकाबला देखने के लिए काफी उत्साहित नजर आए।

शैफाली की मां परवीन बाला ने उसके आउट होने के बाद कहा कि उनकी बेटी के द्वारा बनाए गए 87 रनों पर वे बेहद खुश है। उन्होंने कहा कि बेटी का शतक पूरा नहीं होने का उन्हें कोई दुख नहीं है। शैफाली की ये पारी शतक से कम नहीं है। परवीन बाला ने कहा भारत के वीमेंस वर्ल्ड कप की उन्हें अधिक खुशी होगी।

वीमेंस वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में टॉस साउथ अफ्रीका ने जीता और पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। वहीं बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है और भारत की तरफ से रोहतक की रहने वाली खिलाड़ी शैफाली वर्मा ने स्मृति मंधाना के साथ ओपनिंग की है

विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रन से हराकर इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने वनडे वर्ल्ड कप जीता है। इस ऐतिहासिक जीत में रोहतक की रहने वाली शेफाली वर्मा ने अहम भूमिका निभाई

उन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा 87 रनों की पारी खेली। साथ ही 2 विकेट भी झटके। शानदार परफॉर्मेंस के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने खेल में साथ देने और मोटिवेट करने के लिए परिवार और भाई को धन्यवाद किया।

टीम की जीत से जश्न में डूबे शेफाली के दादा संत लाल का कहना है कि टूर्नामेंट में शुरुआती मुकाबले शेफाली नहीं खेल पाई। इससे परिवार को थोड़ी मायूसी जरूर हुई, लेकिन अंत शानदार हुआ तो अब केवल जश्न का माहौल है।

शेफाली के पिता संजीव वर्मा ने कहा कि मैच के दौरान वह परमात्मा से प्रार्थना कर रहे थे कि बेटी अच्छा खेले और भारतीय टीम कप जीतकर ही आए। घर पर अच्छा माहौल है और रात को पूरा मोहल्ला एकत्रित हो गया था। पूरी रात जश्न मनाया गया।

संजीव वर्मा ने बताया कि रात को जीत के बाद शेफाली से बात हुई और उसे आशीर्वाद दिया। इस दौरान टीम की कप्तान हरमन से भी बात की तो हरमन को धन्यवाद दिया कि शेफाली को टीम में लिया और ओवर भी दिए। हरमन ने फोन पर कहा कि अंकल पहली बार ट्रॉफी उठाई है, काफी खुशी हो रही है। हरमन से यही कहा कि अगले साल भी मुकाबला है, उसके लिए भी तैयार रहें।

शेफाली के शुरूआती दिनों के बारे में बताते हुए संजीव ने कहा कि बच्चों के लिए काफी कुछ करना पड़ता है, ताकि वह अपने जीवन में आगे बढ़ सकें। कुछ चीजें टाइम के साथ करनी पड़ती है, ताकि बच्चों को आगे बढ़ाया जा सके। इसी के चलते कई चीजें करनी पड़ीं और आज शेफाली वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा बनी। हालांकि, शेफाली घर कब आएंगी इसके बारे में उन्होंने कहा कि अभी कुछ नहीं पता।

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