हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) में बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। जारी आदेश के अनुसार, बोर्ड के कंट्रोलर फाइनेंस एंड अकाउंट्स (CFA) राजेश सांगवान को हरियाणा राज्य विजिलेंस एवं एंटी-करप्शन ब्यूरो ने 14 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह निलंबित हैं। यह कार्रवाई 23 फरवरी 2026 को दर्ज एफआईआर नंबर-4 के तहत की गई है।

आदेश में बताया गया है कि मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। आरोप है कि राजेश सांगवान ने बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर सरकारी धन के गबन की साजिश रची।

जांच में बड़े खुलासे

  1. मल्टीलेयर वित्तीय घोटाला

जांच में सामने आया है कि यह एक सुनियोजित और बहुस्तरीय वित्तीय घोटाला था, जिसमें आधिकारिक प्रक्रियाओं में हेरफेर कर फर्जी बैंकिंग लेन-देन किए गए। आरोपियों ने सरकारी धन को शेल कंपनियों और नियंत्रित खातों में ट्रांसफर कर सार्वजनिक खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया।

एफआईआर सरकार के मेमो और डीजीपी कार्यालय से मिली सूचना के आधार पर दर्ज की गई थी, जिसके बाद मामले की जांच विजिलेंस ब्यूरो को सौंपी गई।

  1. IDFC बैंक कनेक्शन

आदेश के अनुसार, राजेश सांगवान बोर्ड के बैंक खातों के संचालन और वित्तीय निर्णयों के लिए जिम्मेदार थे। जांच में यह भी सामने आया कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के नाम पर IDFC फर्स्ट बैंक में खाता खोलने की प्रक्रिया 2025 में शुरू की गई थी।

आरोप है कि इस प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर खाते खोले गए और उनका इस्तेमाल संदिग्ध लेन-देन के लिए किया गया। मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है।

और गिरफ्तारियां संभव

विजिलेंस ब्यूरो इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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