रोहतक में नगर निगम के के कर्मचारी 19 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं। पिछले 10 दिनों से जारी हड़ताल के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। जिसके कारण लोगों को भी परेशानी हो रही हैं। ऐसे में लोग भी कूड़ा उठाने की मांग करने लगे हैं। जिसके चलते प्रशासन द्वारा ठेके पर लगे कर्मचारियों को कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी दी गई। जिसके बाद गुरुवार रात को ठेका कर्मचारी कूड़ा उठाने लिए शहर में पहुंचे। वहीं पुलिस को भी तैनात किया गया। ताकि हड़ताली कर्मचारी काम में बाधा ना डाल सकें।
रात को जब कूड़ा उठान की सूचना मिली तो हड़ताली कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। हड़ताली कर्मचारियों ने ठेके पर लगे कर्मचारियों से कहा कि वे कूड़ा ना उठाएं। जबकि ठेका कर्मचारी कूड़ा उठान करने की बात कह रहे थे। इसके चलते दोनों कर्मचारी पक्ष आमने-सामने आ गए और पुलिस भी वहां पर तैनात रही।

नगर पालिका कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजय बिड़लान ने कहा कि वे ठेके पर लगे कर्मचारियों की मांगों को भी उठा रहे हैं। ताकि ठेका प्रथा बंद करके नियमित भर्ती की जाए। इसलिए सभी ठेके पर लगे कर्मचारियों को भी हड़ताल में शामिल होना चाहिए, जिससे कि हड़ताल को सफल बनाया जा सके। उन्होंने ठेका कर्मचारियों का समर्थन मांगा।

हड़ताली कर्मचारियों के समझाने व समर्थन मांगने के बाद ठेका कर्मचारियों ने भी निर्णय बदल लिया। उन्होंने कूड़ा उठान छोड़कर हड़ताल का समर्थन करने का आश्वासन दिया। ताकि टकराव की स्थिति पैदा ना हो। साथ ही ठेका कर्मचारियों की मांगों को भी पूरा करवाया जा सके।
जब हड़ताली कर्मचारियों का विरोध देखा और साथ ही समझाया तो ठेके पर लगे कर्मचारियों ने उठाया हुआ कूड़ा भी वापस पलट दिया। जिसके कारण उठान का कार्य भी ठप हो गया।हड़ताली कर्मचारियों ने कूड़ा उठान रोकने के लिए 5 टीमें गठित की हुई हैं।
