हरियाणा के यमुनानगर में पूर्व विधायक Dilbag Singh की प्लाईवुड फैक्ट्री पर फायरिंग मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, लेकिन बरामदगी के दौरान उसने पुलिस को चकमा देकर पुल से छलांग लगा दी। नीचे गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुल से कूदकर भागने की कोशिश
बुधवार को पुलिस टीम आरोपी को वारदात से जुड़े सबूतों की बरामदगी के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान खजूरी पुल के पास आरोपी ने अचानक भागने की कोशिश की और पुल से कूद गया। गिरने से उसके पैरों में चोट आई। घटना के बाद Kamaldeep Goyal मौके पर पहुंचे और अस्पताल जाकर हालात का जायजा लिया।
आरोपी की पहचान
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान कुरुक्षेत्र के सिंनहरी खालसा निवासी अमन उर्फ काकू के रूप में हुई है। उसने 30 मार्च की रात जठलाना गांव स्थित फैक्ट्री के गेट पर फायरिंग की थी।
फैक्ट्री गेट पर बरसी गोलियां
30 मार्च की रात करीब 10 बजे दो हथियारबंद बदमाशों ने जठलाना स्थित दिलबाग सिंह की प्लाईवुड फैक्ट्री ‘ट्रेनाक्स लिमिटेड’ के गेट पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। गोलियां गेट को चीरते हुए अंदर खड़े ट्रक तक जा पहुंचीं। उस समय फैक्ट्री में मजदूर काम कर रहे थे, लेकिन राहत की बात रही कि कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस को मौके से 8 गोलियों के खोल बरामद हुए थे।
गैंगस्टरों ने ली जिम्मेदारी
फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए गैंगस्टर Shubham Pandit और Noni Rana ने इसकी जिम्मेदारी ली। पोस्ट में धमकी देते हुए लिखा गया—“यह तो सिर्फ ट्रेलर था। जो भी दिलबाग के साथ काम करेगा, अपनी तैयारी कर लो।”
पहले भी ED की कार्रवाई
दिलबाग सिंह पहले भी विवादों में रह चुके हैं। 5 जनवरी 2024 को Enforcement Directorate (ED) ने उनके घर और ऑफिस समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। करीब पांच दिन चली इस कार्रवाई में 5 करोड़ रुपये नकद, सोने के बिस्किट, विदेशी हथियार और शराब की बोतलें बरामद हुई थीं। इसके बाद 8 जनवरी को उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और फायरिंग के पीछे की साजिश को लेकर जांच जारी है।
