रोहतक। हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा एवं हरियाणा रोडवेज की समस्त यूनियनों के आह्वान पर 5 और 6 नवंबर 2026 को हरियाणा रोडवेज की राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी। सांझा मोर्चा के नेताओं ने बताया कि वर्ष 2018 से लेकर 2026 तक रोडवेज कर्मचारियों की अनेक महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं। सरकार द्वारा इन मांगों को लागू नहीं किए जाने के कारण कर्मचारियों में भारी रोष है।
अमित महराना ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में चालक-परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाना, दिवाली बोनस देना, 33 अर्जित अवकाश बहाल करना, 30 रुपये रात्रि भत्ता, बिना शर्त ओवरटाइम, चार घंटे की ड्यूटी पर एक रेस्ट तथा वाशिंग भत्ता सहित अन्य वैधानिक लाभ लागू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी रोडवेज विभाग के निजीकरण की नीतियों का भी विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हरियाणा रोडवेज के 24 डिपो और 13 सब-डिपो में कार्यरत लगभग 20 हजार कर्मचारी 5 और 6 नवंबर को हड़ताल में शामिल होकर बसों का चक्का जाम करेंगे। हड़ताल के संबंध में 23 अक्टूबर को सभी डिपो महाप्रबंधकों के माध्यम से हरियाणा सरकार को नोटिस दिया गया था। इस दौरान गेट मीटिंग आयोजित कर कर्मचारियों की मांगों और हड़ताल के निर्णय के बारे में जानकारी दी गई थी।
अमित महराना ने हरियाणा सरकार से मांग की कि वह समय रहते हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा की लंबित मांगों को स्वीकार करे, संबंधित अधिसूचनाएं जारी करे तथा मांगों को धरातल पर लागू करवाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करना उचित नहीं है। सरकार को कर्मचारियों के हितों और प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तत्काल सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते कर्मचारियों की मांगों को लागू नहीं किया, तो 5 और 6 नवंबर की दो दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल के कारण प्रदेश की जनता, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को होने वाली असुविधा तथा परिवहन विभाग के राजस्व को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
जारीकर्ता:
हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा
समस्त यूनियन, हरियाणा रोडवेज
