
पेपर लीक के खिलाफ अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने 27वें दिन भूख हड़ताल खत्म कर दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार रात करीब 12.30 बजे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे। नड्डा ने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया।
वहीं वांगचुक के अनशन खत्म करने पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) फाउंडर अभिजीत दीपके ने खुशी जताई। हालांकि उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।
वांगचुक ने X पर लिखा- कई राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे अनशन खत्म करने की अपील की थी। लंबी बातचीत और कुछ शर्तों पर सहमति बनने के साथ-साथ देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए मैंने यह फैसला लिया है।
वांगचुक के अनशन तोड़ने की 2 शर्तें…
लेह एपेक्स बॉडी के सह-संयोजक शेरिंग दोरजे लकरुक ने बताया कि वांगचुक ने कुछ शर्तों पर अनशन तोड़ा। इनमें दो प्रमुख हैं।
- सरकार ने लिखित आश्वासन दिया है कि अगर छात्र हिंसक नहीं हैं, तो उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे।
- सरकार ने आत्महत्या करने वालों के परिवारों को मुआवजा देने पर विचार करने का लिखित आश्वासन भी दिया है।
वांगचुक ने 28 जून को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें 18 जुलाई को सफदरजंग और फिर वहां से 21 जुलाई को मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया था। वे नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।


