लद्दाख के मुद्दों और छात्रों के समर्थन में 25 दिनों से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को मंगलवार शाम गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से कड़ी सुरक्षा के बीच मेदांता लाया गया, जहां अस्पताल को तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने वांगचुक से बातचीत की पहल की है। मंगलवार रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर ICU में भर्ती वांगचुक से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक हेल्थ बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुशील कटारिया की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
अस्पताल में तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
- पहला सुरक्षा घेरा: मेन गेट पर अस्पताल की सुरक्षा टीम और गुरुग्राम पुलिस तैनात है। हर व्यक्ति की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
- दूसरा सुरक्षा घेरा: जिस बिल्डिंग में वांगचुक भर्ती हैं, वहां हरियाणा और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात हैं। केवल मरीज और निर्धारित समय पर एक तीमारदार को ही अंदर जाने की अनुमति है।
- तीसरा सुरक्षा घेरा: वांगचुक के फ्लोर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रख रही है।
गुरुग्राम में कांग्रेस नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट
वांगचुक के समर्थन में संभावित प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर समेत 10 से अधिक नेताओं को देर रात उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया। सभी नेताओं को लिखित नोटिस देकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मेदांता अस्पताल की ओर किसी भी तरह का मार्च या प्रदर्शन नहीं करने की चेतावनी दी गई।
मामले पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और अस्पताल परिसर में सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
