पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को संसद से निकलकर प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचा था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुआई में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित पीएम आवास के पास धरना दिया। वहीं बुधवार को संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन राहुल सदन में काले कपड़े में पहुंचे हैं। इससे पहले प्रदर्शन में प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई बड़े नेता शामिल हुए। पुलिस ने शाम को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। करीब रात 9:30 बजे सभी को रिहा कर दिया गया।
धरने के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं से बातचीत की। उन्होंने धरना खत्म करने की अपील की, लेकिन विपक्ष अपने रुख पर कायम रहा। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नेताओं को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद धरना समाप्त हो गया।
रिहाई से पहले छत्रसाल स्टेडियम में बनाए गए डिटेंशन सेंटर से राहुल गांधी ने वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष चाहता है कि NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा में खुली चर्चा हो। राहुल ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा दें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार छात्रों से माफी मांगे, आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज सभी केस वापस लिए जाएं और लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
कांग्रेस ने प्रदर्शन की योजना पूरी तरह गोपनीय रखी थी। दोपहर में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 84वें जन्मदिन के बहाने उनके राजाजी मार्ग स्थित आवास पहुंचे। सुरक्षा एजेंसियों को लगा कि यह सिर्फ जन्मदिन का कार्यक्रम है, लेकिन वहां से सभी नेता अचानक पैदल पीएम आवास की ओर बढ़ गए और धरने पर बैठ गए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के प्रदर्शन को राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस ने बहस की जगह सड़क पर प्रदर्शन और राजनीतिक तमाशा करना चुना। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।
मानसून सत्र के पहले दो दिन NEET पेपर लीक के मुद्दे पर भारी हंगामे की वजह से प्रभावित रहे। मंगलवार को भी विपक्ष ने दोनों सदनों में चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया, जिसके कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। बुधवार को मानसून सत्र के तीसरे दिन भी इसी मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी टकराव की संभावना है। विपक्ष का कहना है कि जब तक इस मामले पर संसद में चर्चा नहीं होगी, उसका विरोध जारी रहेगा।

