राष्ट्रीय शूटर सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी सिद्धू हत्याकांड की आरोपी हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट जज की बेटी कल्याणी सिंह (36) को नियमित जमानत मिल गई है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर की बेंच ने CBI और शिकायतकर्ता पक्ष का जवाब और बहस सुनने के बाद यह फैसला दिया। वहीं दूसरी ओर CBI ने चंडीगढ़ जिला अदालत में कल्याणी सिंह के खिलाफ इस हत्याकांड में चार्जशीट सबमिट कर दी है। कल्याणी अब ट्रायल का सामना करेगी।
कल्याणी 21 जून से बुड़ैल जेल में बंद है। हाईकोर्ट से ऑर्डर कॉपी मिलते ही जेल प्रशासन उसे रिहा कर देगा। बता दें कि जस्टिस अनूप चितकारा केस की सुनवाई से पीछे हट गए थे। जस्टिस चितकारा पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में जज थे। 8 अक्तूबर 2021 को उनकी फेयरवेल थी, उसी दिन जस्टिस सबीना राजस्थान हाईकोर्ट से हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में ट्रांसफर होकर आई थीं। CBI और शिकायतकर्ता पक्ष ने जस्टिस चितकारा द्वारा केस की सुनवाई पर आपत्ति जताई थी।
इसके बाद वह केस की सुनवाई से पीछे हट गए थे। ऐसे में चीफ जस्टिस ने रोस्टर के हिसाब से केस जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर की बेंच को सौंपा था। कल्याणी सिंह गत 15 जून को CBI द्वारा गिरफ्तार की गई। उसका 6 दिन का रिमांड लिया गया था। कल्याणी पर एक अन्य शख्स के साथ मिलकर सिप्पी की हत्या करने का आरोप CBI ने लगाया है। अज्ञात हमलावर फरार है। जुलाई में चंडीगढ़ जिला अदालत की CBI कोर्ट ने कल्याणी की जमानत अर्जी रद्द कर दी थी। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
गौरतलब है कि सिप्पी सिद्धू की लाश 20 सितंबर 2015 को चंडीगढ़ के सेक्टर-27 में एक पार्क में मिली थी। उसे 4 गोलियां मारी गई थीं। सिप्पी की कल्याणी से शादी होनी थी, लेकिन उनके रिश्ते में खटास आ गई थी। CBI के मुताबिक, सिप्पी ने कल्याणी की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल की थीं। इससे कल्याणी की काफी बदनामी हुई। इसका बदला लेने के लिए उसने प्लानिंग करके सिप्पी की हत्या की। हालांकि कल्याणी ने आरोपों से इंकार किया।
CBI मामले में दिसंबर 2020 में CBI कोर्ट चंडीगढ़ में अनट्रेस रिपोर्ट दायर कर चुकी है। हालांकि उसने जांच जारी रखने की मांग की थी, जिसे स्वीकार किया गया। इसके बाद जांच के दौरान कथित रूप से नए सबूत मिले और कल्याणी को गिरफ्तार किया गया। मामला काफी हाई प्रोफाइल होने के चलते चर्चा में रहा है। मोहाली फेज 3बी 2 निवासी सिप्पी के दादा भी हाईकोर्ट में जज थे और पिता एडिशनल एडवोकेट जनरल थे। कल्याणी और उनका परिवार पुराना जानकार था।
