जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज की सेहत को लेकर मीडिया में आ रही अलग-अलग खबरों के बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है। वृंदावन के संत प्रेमानंद ने पूर्ण मौन व्रत धारण कर लिया है। प्रेमानंद महाराज के आश्रम प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, अब अगले आदेश तक उनकी दैनिक पदयात्रा और सभी तरह के दर्शनों पर भी रोक रहेगी। मौन व्रत धारण करने के फैसले से, प्रेमानंद महाराज के दर्शनों के लिए दूर-दूर से आने वाले भक्त मायूस हैं।

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जारी हुई आधिकारिक सूचना के मुताबिक, पिछले दो दिनों से संत प्रेमानंद की हर दिन होने वाली पदयात्रा और एकांतिक दर्शन सहित एकांतिक वार्ता बंद थी। अब इसे अनिश्चितकाल के लिए लागू कर दिया गया है। आश्रम की तरफ से सोशल मीडिया पर भी भक्तों से अपील की गई है कि प्रेमानंद महाराज के दर्शनों के लिए वृंदावन ना आएं। साथ ही यह भी कहा गया है कि प्रेमानंद महाराज की साधना और स्वास्थ्य लाभ में सहयोग दें।

अचानक लिए गए मौन व्रत और दर्शन बंद करने के फैसले से संत प्रेमानंद के भक्त मायूस हैं। साथ ही अपने प्रिय संत की सेहत को लेकर चिंतित भी हैं। प्रेमानंद के दर्शनों के लिए वृंदावन पहुंच रहे श्रद्धालु आश्रम के बाहर से ही चौखट पर शीश नवाकर लौट रहे हैं। साथ ही देश-दुनिया में फैले उनके भक्त सोशल मीडिया पर भी प्रेमानंद महाराज के उत्तम स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं।

गौरतलब है कि दोनों किडनी खराब होने के बावजूद प्रेमानंद महाराज अभी तक बेहद कठिन दिनचर्या का पालन करते हुए भक्तों के साथ संवाद कर रहे थे और उन्हें दर्शन दे रहे थे। अब डॉक्टरों की सलाह पर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रेमानंद महाराज ने आध्यात्मिक विश्राम करने का फैसला लिया है, ताकि उन्हें पूरी तरह से आराम मिल सके।

आपको बता दें कि प्रेमानंद महाराज लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। क्रोनिक किडनी बीमारी के चलते डॉक्टरों की देखरेख में उनका नियमित रूप से भी डायलिसिस किया जाता है। हाल ही में हुए डायलिसिस के बाद उनके शरीर में काफी कमजोरी आ गई थी, इसलिए डॉक्टरों ने इस स्थिति में उन्हें पूरी तरह बेड रेस्ट की सलाह दी है। इसके चलते रविवार और सोमवार को प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा स्थगित कर दी गई थी

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