रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है। पुतिन ने नाटो को धमकी दी है कि अगर यूक्रेन का साथ दिया तो नतीजे भुगतने होंगे। हालांकि, पुतिन ने साफ कर दिया है कि उनका यूक्रेन पर कब्जा करने का इरादा नहीं है। रूसी राष्ट्रपति का कहना है कि यूक्रेनी सेना हथियार डाले और वापस जाए। इस बयान के तुरंत बाद ही यूक्रेन में विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके और राजधानी कीव में बड़े धमाकों की रिपोर्ट्स सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रमातोस्क में 2 धमाके सुने गए हैं। रूसी सिपाही क्रीमिया के रास्ते यूक्रेन में घुस रहे हैं। बॉर्डर पर दो लाख से ज्यादा रूसी सिपाही तैनात हैं। पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में मौजूद बीबीसी संवाददाता सारा रेंसफोर्ड ने इस इलाके में धमाके की खबर रिपोर्ट की है।

यूएन की तरफ से शांति की अपील की गई है। युद्ध के खतरे के बीच फ्रांस ने बुधवार को अपने नागरिकों से बिना देरी किए यूक्रेन छोड़ने को कहा है। फ्रांस के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि यूक्रेन की सीमाओं पर रूसी सैनिकों के जमा होने की वजह से गंभीर तनाव पैदा हो गया है। साथ ही दो अलगाववादी क्षेत्रों को रूस ने मान्यता दी है और यूक्रेन ने इमरजेंसी लागू कर दी है। इसलिए यूक्रेन में मौजूद फ्रांसीसी नागरिकों को बिना देरी के देश छोड़ देना चाहिए।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। इस मुलाकात में रूस-यूक्रेन संकट, इंडो-पैसिफिक में आपसी सहयोग, भारत और फ्रांस के बीच डिप्लोमैटिक, आर्थिक और रक्षा संबंधों को मजबूत पर चर्चा हुई। भारत ने पूर्वी यूरोप में तनाव कम करने के लिए मैक्रों की कोशिशों की सराहना की। इससे एक दिन पहले जयशंकर ने फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस में बोलते हुए फ्रांस की तारीफ करते हुए उसे वर्ल्ड सुपर पावर बताया था।

रूस के खिलाफ रणनीति तय करने के लिए यूरोपीय यूनियन की गुरुवार यानी आज बेहद अहम मीटिंग करेगा। वैसे खास बात यह है कि यही मीटिंग बेलारूस में होगी, जो पहले ही रूस के साथ है और रूसी फौज बेलारूस की धरती पर मौजूद है। वहीं, आज यूक्रेन मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक बार फिर बैठक होगी। इस मसले पर एक हफ्ते में UNSC की यह दूसरी मीटिंग है।

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