रोहतक में बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार भी जी का जंजाल बन गया है। यहां मात्र 6 हजार रुपए के लिए हर रोज 50 किलोमीटर से अधिक का सफर तय करके ड्यूटी पर जाना व आना होगा। जब लेट लतीफ महीनेभर में काम के पैसे मिलेंगे तो उनको युवा पहले ही भाड़े के रूप में खर्च कर चुके होंगे। यह समस्या कहीं एक जगह नहीं प्रदेशभर में देखने को मिल रही है।

रोहतक के रोजगार कार्यालय में पहुंचे बेरोजगारों को जब जिले के एक छोर से दूसरे छोर पर रोजगार दिया गया तो वह अधिकारियों के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी बात शांतिपूर्वक सुनने की बजाए उन्हें बाहर का ही रास्ता दिखा दिया। अधिकारियों से मिलने की बात को लेकर युवा और कर्मचारी भी भिड़ गए।

कर्मचारी फौजी तहलान ने कहा कि अधिकारी मीटिंग में थे और युवक उनके मिलने की जिद्द कर रहा था। जिसके कारण वह अपनी ड्यूटी निभा रहा था। इसलिए युवक को अंदर जाने से रोका। जिसके कारण वह युवक हंगामा करने लगा।

बता दें कि सरकार द्वारा बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह सक्षम युवा योजना के तहत 100 घंटे काम दिया जाता है। जिसके बादले 6 हजार रुपए मानदेय दिया जाएगा। जिन बेरोजगारों ने अपना नाम सक्षम योजना के तहत दर्ज करवाया हुआ होता है, उन्हें सरकार द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जिलेभर में अलग-अलग स्थानों पर रोजगार दिया जाता है।

युवा बोले 50 किलोमीटर या इससे अधिक का सफर तय करके ड्यूटी पर जाना पड़ता है। उतना ही सफर तय करके वापस लौटते हैं। कहने के लिए तो रोजगार मिल जाता है, लेकिन उनकी पीड़ा कोई नहीं समझता। क्योंकि जो 6 हजार रुपए मानदेय मिलता है, उसको वह पहले ही किराए के रूप में खर्च चुके होते हैं।

महम निवासी बिरेंद्र ने बताया कि उसने रोजगार कार्यालय में नाम दर्ज करवाया था। अब उन्हें रोजगार कार्यालय द्वारा नौकरी BDPO ऑफिस में दे दी। जिसके कारण उसे हर रोज 60-70 किलोमीटर का सफर तय करके जाना होगा और वापसी में भी इतना ही सफर तय करना पड़ेगा। वहीं उसका बेरोजगारी भत्ता भी काफी देरी से दिया गया था। तीन माह तक उसके बेरोजगारी भत्ता भी नहीं दिया गया।

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