पानीपत की वधवाराम कॉलोनी में एक युवक ने अपने घर के कमरे में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। युवक को फंदे पर लटका देख परिजनों ने आनन-फानन में उसे फंदे से नीचे उतारा। तब उसकी सांसे चल रही थी। गंभीर हालत में उसे नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को सिविल अस्पताल भिजवाया गया। पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर मामले में कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
मृतक के भाई मोनू ने बताया कि वे 8 भाई-बहन हैं। सबसे बड़ी दो बहनें हैं। उनके बाद भाई दीपक था। दीपक एक फैक्टरी में मशीन चलाने का काम करता था। वह शादीशुदा था और उसकी 11 महीने की बेटी है। सोमवार को मां ने अहोई अष्टमी का व्रत रखा था। शाम को घर आते वक्त वह मां के लिए साड़ी लेकर आया था। पूजा करने के वक्त उसने मां को साड़ी दी। पूजा के बाद मां ने व्रत खोला और साड़ी देखने लगी। मां को साड़ी बहुत ज्यादा अच्छी नहीं लगी थी। मगर बेटे का दिल रखने के लिए उसने साड़ी रख ली। इस बात से दीपक बहुत आहत हुआ।
