रोहतक में पंडित भगवत दयाल शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (PGIMS) में MBBS परीक्षा में घोटाले का मामला सामने आया है। घोटाले का पता चलने के बाद 2 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही 3 आउट सोर्स कर्मचारियों की सेवाएं रोक दी गई है।
आरोप है कि कर्मचारियों ने छात्रों से पेपर पास कराने के बदले में 3 से 5 लाख रुपए लिए। एक छात्र ने इसकी शिकायत यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से की। जिसके बाद घोटाले का खुलासा हुआ। अधिकारियों ने जांच कमेटी बनाई है, जो एक महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
बैच 2022 की परीक्षा करीब 10 दिन पहले खत्म हुई हैं। 2021 बैच की परीक्षा फिलहाल चल रही हैं। 2020 बैच की परीक्षा अभी शुरू होनी हैं।
PGIMS के जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज वरुण अरोड़ा ने बताया कि 5-6 दिन पहले कुछ दस्तावेज और वीडियो के साथ शिकायत मिली थी। जिसमें MBBS परीक्षा में कुछ धांधलियों और खामियों को उजागर किया गया था। तुरंत प्रभाव से संज्ञान लेते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कर्मचारी रोशन लाल और रोहित को सस्पेंड कर दिया। वहीं आउटसोर्स कर्मचारी दीपक, इंदू बजाज और रितू की सेवाओं पर रोक लगा दी।
इसके अलावा एक जांच कमेटी का गठन किया गया है, जो उपरोक्त शिकायत की गहनता से जांच कर रही है। जांच कमेटी को एक महीने के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है। परीक्षा शाखा के कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से वहां से बदल दिया गया है। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के भी आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

