दिल्ली-NCR में 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर लगे बैन के बाद हरियाणा रोडवेज अपनी ऐसी बसों को NCR से बाहर के जिलों में भेजेगा। रोडवेज के रोहतक डिपो की 23 बसें 10 साल की अवधि पूरी कर चुकी हैं। नियमानुसार यह बसें रोहतक के रूटों पर नहीं चल सकती इसलिए 23 बसें 6 महीने से वर्कशॉप में खड़ी हैं। इन्हें अब सिरसा भेजा जाएगा। इससे जुड़ी कागजी कार्रवाई चल रही है।

रोडवेज के रोहतक डिपो में फिलहाल अलग-अलग रूटों पर 192 बसें चल रही हैं। इनमें से 46 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चल रही हैं। डिपो की जो बसें 10 साल की अवधि पूरी कर चुकी हैं, उन्हें सिरसा भेजा जाएगा क्योंकि सिरसा NCR से बाहर है और वहां डीजल वाहन 15 साल तक चलाए जा सकते हैं।

दिल्ली-NCR​​​​​​​ में 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर लगी पाबंदी को देखते हुए ​​​​​​रोडवेज मैनेजमेंट ने फैसला लिया है कि जो बसें ठीक स्थिति में हैं, उन्हें NCR से बाहर के जिलों में शिफ्ट कर दिया जाए। इसी क्रम में ​​​​​​​रोहतक डिपो से NOC के बाद यह 23 बसें सिरसा भेजी जाएंगी। उसके बाद इन बसों का बीमा सिरसा डिपो करवाएगा।

रोडवेज की रोहतक वर्कशॉप के मैनेजर नरेंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक रोहतक डिपो की 10 साल पूरे कर चुकी 23 बसों को वर्कशॉप में अलग रखा गया है। अब इन्हें सिरसा भेजा जाएगा। रोडवेज के रोहतक जीएम दलबीर फौगाट से मिली जानकारी के मुताबिक रोहतक से 10 साल पुरानी बसों को NCR से बाहर भेजने से जुड़ी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसका मकसद रोडवेज बसों की कमी को दूर करना भी है। सिरसा जिले में इन बसों के जाने से वहां के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल सकेगी।

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