रोहतक बस स्टैंड पर सांझा मोर्चा के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारियों ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया। निजीकरण के खिलाफ सुबह 10 बजे से 12 बजे तक किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद GM को परिवहन विभाग के प्रधान सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर मांगों को नहीं माना गया तो सांझा मोर्चा के निर्णय के अनुसार किसी बड़े आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे।

सांझा मोर्चा के आह्वान पर हरियाणा सरकार द्वारा लाई गई स्टेज कैरिज संशोधन पॉलिसी 2017 के विरोध में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया था, जिसके तहत गुरुवार को विभिन्न रोडवेज कर्मचारी यूनियन के सदस्य, पदाधिकारी व कर्मचारी बस स्टैंड पर एकत्र हुए। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही स्टेज कैरिज संशोधन पॉलिसी 2017 को वापस लेने की मांग उठाई।

सांझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य हिम्मत राणा, सांझा मोर्चा के सदस्य जोगेंद्र ढुल, हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ से अमित महराणा, इंटक के राज्य प्रधान विरेंद्र सिंह, रमेश पंघाल, जोगेंद्र सिंह आदि ने कहा कि हरियाणा सरकार स्टेज कैरिज पॉलिसी 2017 में संशोधन करके 952 मार्गों पर प्राइवेट बसों को परमिट देना चाहती है। यह पॉलिसी न तो आम जनता के हित में है और न ही विभाग के।

पहले भी सरकार ने 1993 में पॉलिसी लाकर ग्रामीण एरिया में प्राइवेट परमिट देते हुए कहा था कि गांवों में रहने वाली जनता को परिवहन सेवा मिलेगी और बेरोजगारों को रोजगार, लेकिन आज स्थिति उल्ट है। रोडवेज 43 श्रेणियों का फ्री व रियायती दरों पर यात्रा सुविधा देकर प्रतिमाह 40-60 हजार रुपए टैक्स के रूप में सरकारी खजाने में जमा कराती है, लेकिन प्राइवेट बसों में इन श्रेणियों को रियायत नहीं दी जाती। प्राइवेट बसें पूंजीपतियों के अधीन हैं और केवल लाभ के रूटों पर ही चल रही हैं।

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