हरियाणा के विधायक पद से इस्तीफा देने वाले कुलदीप बिश्नोई ने भाजपा का दामन थाम लिया है। दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्‌डा, हरियाणा के CM मनोहर लाल और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष OP धनखड़ की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली। कुलदीप भाजपा मुख्यालय में रेणुका बिश्नोई के साथ पहुंचे थे। दोनों ने पार्टी की सदस्यता ली है। कुलदीप ने साफ कर दिया है कि आगे की राजनीति वे और उनके पुत्र करेंगे। उनकी पत्नी रेणुका चुनाव नहीं लड़ेंगी।

भाजपा ज्वाइन करने के बाद कुलदीप बिश्नोई ने पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, सीएम मनोहर लाल खट्टर को धन्यवाद दिया और कहा कि BJP और हमारा 3 साल गठबंधन रहा। इस दौरान कुछ मतभेद हुए लेकिन मनभेद नहीं हुआ, इसलिए आज यहां हूं। उन्होंने कहा, “मोदी जी सबसे महान प्रधानमंत्री हैं, उन्हीं से प्रभावित होकर पार्टी ज्वाइन किया है। दूसरा प्रभावित होने का कारण मनोहर लाल खट्टर जी हैं। मैंने बहुत मुख्यमंत्री देखे, मगर मनोहर जी 8 साल से मुख्यमंत्री हैं उनका दामन बेदाग है। कुलदीप ने कहा कि मेरे साथी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में पार्टी के लिए काम करेंगे। हम मान सम्मान और प्यार के भूखे हैं।

इससे पहले कुलदीप बिश्नोई ने सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर ट्वीट करके भारत माता की जय कहा। कुलदीप के हजारों समर्थक भी दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में मौजूद रहे। कुलदीप ने बुधवार को चंडीगढ़ में हरियाणा विस अध्यक्ष को आदमपुर हलके से कांग्रेस विधायक पद से इस्तीफा सौंप दिया था, जो मंजूर भी हो गया।

कुलदीप बिश्नोई गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ भी मौजूद रहे। इस मौके पर धनखड़ ने कहा कि राजस्थान में बिश्नोई समाज का बड़ा वर्ग है। कुलदीप के आने से राजस्थान में भी लाभ होगा। कुलदीप बिश्नोई मृदुभाषी और सौम्य नेता हैं। उन्हें कांग्रेस पार्टी में उचित सम्मान नहीं मिला। 

वहीं सीएम मनोहर लाल ने कहा कि मैं कुलदीप बिश्नोई का भाजपा में स्वागत करता हूं। रेणुका बिश्नोई का भी भाजपा में स्वागत है। कुलदीप बिश्नोई भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर बिना शर्त भाजपा में शामिल हुए है। बिश्नोई के आने से भाजपा को फायदा होगा।

पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के पुत्र के तौर पर राजनीति शुरू करने के बाद कुलदीप बिश्नोई ने पार्टियां तो कई बदलीं, लेकिन उन्हें कोई रास नहीं आया। अब भगवा रंग में रंग कर पिता-पुत्र दोनों राजनीति करेंगे। उनके भाजपा में आने से क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी है कि भजनलाल के समय में होने वाली परिवार की चौधर एक बार फिर लौटेगी। कुलदीप भिवानी से सांसद रहे और आदमपुर से विधायक रहे, लेकिन सत्ता में शामिल होने का मौका उन्हें नहीं मिला। 

कुलदीप के पिता पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल हरियाणा में कांग्रेस की धुरी थे। उनके इशारे पर हरियाणा कांग्रेस चलती थी। एक दौर यह था कि भजनलाल मुख्यमंत्री होते थे और सत्ता आदमपुर और पंचकूला दोनों जगह से चलती थी। आधा हरियाणा उन्हें आदमपुर में मिलने के लिए जाता था तो आधा हरियाणा पंचकूला मिलने के लिए जाता था। भजनलाल के मुख्यमंत्री न बन पाने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कुलदीप के भाई चंद्रमोहन को उपमुख्यमंत्री बनाया। उपमुख्यमंत्री रहते हुए चंद्रमोहन ने कांग्रेस में अच्छी पारी खेली, लेकिन फिजा प्रेम उन्हें ले डूबा। अंतत: चंद्रमोहन को उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।

पिछले दिनों पूर्व सीएम व विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कुलदीप को चुनौती दी थी और कहा था कि वे विधानसभा से इस्तीफा देकर भाजपा ज्वाइन करें और फिर चुनाव लड़ें, उन्हें पता लग जाएगा। हुड्डा की इस चुनौती को स्वीकार करते हुए बुधवार को कुलदीप ने कहा, ‘मैंने चुनौती स्वीकार कर ली है। हुड्डा साहब 10 साल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। अब वे मेरे बेटे भव्य या मेरे खिलाफ आदमपुर से चुनाव लड़ें। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा’।

कुलदीप ने कहा कि कांग्रेस अब सिद्धांतों से भटक गई है। ऐसे लोग पार्टी को चला रहे हैं, जिन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़े। अगर लड़े भी तो आज से तीस साल पहले। पूरे देश में गलत फैसले लिए जा रहे हैं। कुलदीप ने कहा कि कांग्रेस अब पूरी तरह से खत्म होने जा रही है। 

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