हरियाणा के यमुनानगर जिले के गांव जठलाना में रिटायर्ड सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) जगदीश बंसल की हत्या के मामले में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पुलिस रिमांड पर चल रहे मुख्य आरोपी अजय कुमार ने घटनास्थल पर निशानदेही के दौरान पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की। आरोपी घर की छत से कूद गया, लेकिन नीचे गिरते ही उसकी टांग में फ्रैक्चर हो गया। घायल आरोपी को पुलिस सुरक्षा के बीच सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
जांच अधिकारी अरुण ने बताया कि पुलिस अजय कुमार को रिमांड पर लेकर गांव जठलाना स्थित जगदीश बंसल के घर पहुंची थी। पुलिस वारदात का री-क्रिएशन कर रही थी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपी किस रास्ते से घर में दाखिल हुए और हत्या को कैसे अंजाम दिया।
छत से कूदकर भागने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, हत्या वाली रात आरोपी घर की पिछली दीवार फांदकर छत के रास्ते अंदर घुसे थे। इसी वजह से पुलिस उन्हें उसी रास्ते की निशानदेही कराने छत पर लेकर गई थी। इसी दौरान अजय ने अचानक पुलिस को धक्का देकर छत से छलांग लगा दी और भागने की कोशिश की। हालांकि नीचे गिरने से उसकी टांग टूट गई और वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया।
19 जून को मिला था खून से लथपथ शव
19 जून की सुबह गांव जठलाना निवासी रिटायर्ड सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर जगदीश बंसल अपने घर में मृत मिले थे। सबसे पहले घर में काम करने वाली मेड रुकसाना रोज की तरह काम पर पहुंची। दरवाजा खुला देखकर वह अंदर गई तो बंसल का शव खून से लथपथ पड़ा मिला और घर का सामान बिखरा हुआ था। उसने तुरंत पड़ोसियों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पोस्टमार्टम में सामने आई हत्या की क्रूरता
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जगदीश बंसल के शरीर पर 17 गंभीर चोटों के निशान थे और उनके शरीर की 8 हड्डियां टूट चुकी थीं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले लोहे की रॉड से हमला किया और बाद में घर में पड़ी कैंची से लगातार वार कर उनकी हत्या कर दी।
जेल में बनी थी पूरी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि इस वारदात की साजिश कई महीने पहले जेल के अंदर तैयार की गई थी। मुख्य आरोपी अजय कुमार पहले भी लूट और चोरी के मामलों में जेल जा चुका था। वहीं उसकी मुलाकात जठलाना निवासी देवेंद्र से हुई, जो खुद भी लूट के एक मामले में जेल में बंद था।
देवेंद्र ने अजय को बताया कि गांव में रिटायर्ड अधिकारी जगदीश बंसल अकेले रहते हैं और उनके घर में आसानी से लूट की जा सकती है। इसके बाद अजय ने अपने साथी अंकित के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई।
विरोध करने पर कर दी हत्या
18 जून की रात अजय और अंकित बाइक पर गांव पहुंचे। दोनों घर के पीछे से दीवार फांदकर छत के रास्ते अंदर घुसे। उनके पास पहले से लोहे की रॉड थी। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और वारदात के समय भी नशे में थे।
घर में आवाज सुनकर जगदीश बंसल की नींद खुल गई। उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने पहले लोहे की रॉड से उनके सिर पर वार किया। इसके बाद घर में पड़ी कैंची से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
डेढ़ घंटे तक घर में मचाया आतंक
हत्या के बाद दोनों आरोपी करीब डेढ़ घंटे तक घर में ही रहे। उन्होंने पूरे मकान की तलाशी ली, अलमारियां खंगालीं और नकदी, मोबाइल तथा अन्य कीमती सामान की तलाश में पूरा घर अस्त-व्यस्त कर दिया। इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से पकड़े गए आरोपी
हत्या के बाद अपराध शाखा-1 और अपराध शाखा-2 सहित कई टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने गांव और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने करनाल के गांव घीड निवासी अजय कुमार और अंकित को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने हत्या और लूट की वारदात कबूल कर ली।
दोनों पर पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार, अजय कुमार के खिलाफ पहले से लूट और चोरी के छह मामले दर्ज हैं, जबकि अंकित के खिलाफ चार आपराधिक मामले विचाराधीन हैं। दोनों आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर हत्या में इस्तेमाल हथियार, चोरी किया गया सामान और अन्य साक्ष्य बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
अकेले रहते थे जगदीश बंसल
जगदीश बंसल हिमाचल बिजली बोर्ड से सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। पत्नी के निधन के बाद वह गांव जठलाना स्थित अपने घर में अकेले रहते थे। ग्रामीणों के अनुसार वह बेहद सरल, शांत और मददगार स्वभाव के व्यक्ति थे तथा जरूरतमंद लोगों की आर्थिक सहायता भी करते थे। पुलिस अब इस हत्याकांड में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
